शहरों और राजमार्गों पर रात के समय हाई बीम लाइट का गलत इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है, जिससे सड़क हादसों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाई बीम की चकाचौंध सामने से आने वाले वाहन चालकों की आंखों पर सीधा प्रभाव डालती है, जिससे एक पल की चूक जानलेवा साबित हो सकती है।
ट्रैफिक विभाग के अधिकारी बताते हैं कि शहरों की सड़कों या भीड़भाड़ वाले इलाकों में हमेशा लो बीम लाइट का प्रयोग करना चाहिए। हाई बीम केवल सुनसान या अंधेरे हाइवे पर सीमित दूरी की दृश्यता बढ़ाने के लिए ही उपयुक्त होती है।
कई राज्यों में इस दिशा में अभियान भी चलाए जा रहे हैं, लेकिन लोगों की आदतें अभी भी बदलने की जरूरत है। वाहन चालकों में थोड़ी सी जागरूकता और संवेदनशीलता कई जिंदगियाँ बचा सकती है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क पर हर व्यक्ति की अपनी ज़िम्मेदारी है। यदि सभी चालक ट्रैफिक नियमों का पालन करें और एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील रहें, तो देश में होने वाले सड़क हादसों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।