
सचिन कुमार की रोजा इफ्तार पार्टी में उमड़ा जनसैलाब, गूंजा हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का पैगाम
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला । कस्बे के दिल्ली अड्डे पर शुक्रवार को अलविदा जुमे के मौके पर युवा समाजसेवी सचिन कुमार की ओर से रोजा इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कस्बे के सैकड़ों लोग शामिल हुए और एक साथ बैठकर रोजा इफ्तार कर अमन, शांति और आपसी भाईचारे के लिए दुआएं मांगी। इस मौके पर एक बार फिर कांधला की गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरत झलक देखने को मिली।

इफ्तार के समय रोजेदारों ने खजूर, फल और अन्य व्यंजनों के साथ रोजा खोला। इफ्तार से पहले सभी ने हाथ उठाकर मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे की मजबूती के लिए दुआ की। जैसे ही अज़ान हुई, पूरा माहौल इबादत और भाईचारे के रंग में रंग गया। रोजा खोलने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को अलविदा जुमे की मुबारकबाद दी और गले मिलकर मोहब्बत का पैगाम दिया।
इफ्तार कार्यक्रम में हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि कांधला कस्बा आज भी आपसी एकता और भाईचारे की मजबूत मिसाल बना हुआ है। लोग अलग-अलग धर्म और समुदाय से होने के बावजूद एक साथ बैठकर इफ्तार करते नजर आए, जिसने पूरे कार्यक्रम को खास बना दिया।
कार्यक्रम के आयोजक युवा समाजसेवी सचिन कुमार ने कहा कि रमजान का पाक महीना इंसानियत, भाईचारे और आपसी मोहब्बत का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि कांधला कस्बा हमेशा से हिंदू-मुस्लिम एकता की पहचान रहा है और यहां के लोग हर त्योहार को मिल-जुलकर मनाते हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए यह इफ्तार कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश और मजबूत हो।
इफ्तार कार्यक्रम में सभासद अनिल बोहरा, अमित राणा, राकेश कुमार, अंकुर कुमार और बंटी सैनी अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम में शामिल होकर रोजेदारों को मुबारकबाद दी और इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों का कहना था कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं और लोगों के दिलों में एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान बढ़ाते हैं। अलविदा जुमे के पवित्र अवसर पर आयोजित यह रोजा इफ्तार कार्यक्रम पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बना रहा और लोगों ने इसे हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और सामाजिक एकता की बेहतरीन मिसाल बताया।