
“गर्मी से तप रहा कांधला… लेकिन गुड्डू भाई की लस्सी ने दिलों को कर दिया ठंडा”
* मेन बाजार जमा मस्जिद के निकट उमड़ रही लोगों की भीड़, स्वाद और ठंडक का बना नया अड्डा
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। जून की भीषण गर्मी में जहां लोग धूप और लू के थपेड़ों से परेशान हैं, वहीं कस्बे के मेन बाजार स्थित जमा मस्जिद के निकट “गुड्डू भाई की लस्सी” इन दिनों लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत बनकर उभरी है। तेज धूप में पसीने से तरबतर लोग जैसे ही इस दुकान पर पहुंचते हैं, एक गिलास ठंडी मलाईदार लस्सी पीते ही उनके चेहरे खिल उठते हैं।
कस्बे में इन दिनों गुड्डू भाई की लस्सी का ऐसा क्रेज देखने को मिल रहा है कि सुबह से लेकर देर रात तक दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। खास बात यह है कि यहां सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों और बाहर से आने वाले राहगीर भी रुककर इस मशहूर लस्सी का स्वाद लेने पहुंच रहे हैं।
लोगों का कहना है कि बाजार में मिलने वाले ठंडे पेय पदार्थों से अलग यहां की लस्सी में शुद्ध दही, ताजी मलाई और देसी अंदाज का असली स्वाद मिलता है। बड़े-बड़े स्टील के बर्तनों में तैयार की जाने वाली यह लस्सी ऊपर जमी मोटी मलाई और बर्फ की ठंडक के साथ लोगों को ऐसी राहत दे रही है कि एक बार पीने वाला दोबारा लौटकर जरूर आ रहा है।
सिर्फ लस्सी ही नहीं, बल्कि दुकान पर मिलने वाली रबड़ी और फालूदा भी लोगों की खास पसंद बने हुए हैं। गर्मी में ठंडी रबड़ी का स्वाद और फालूदा की मिठास ग्राहकों को खूब आकर्षित कर रही है। बच्चे हों या युवा, हर कोई इन देसी स्वादों का आनंद लेने दुकान पर पहुंच रहा है।
दोपहर के समय दुकान के बाहर ऐसा माहौल दिखाई देता है मानो कोई छोटा-मोटा मेला लगा हो। कोई बाइक रोककर लस्सी पी रहा है तो कोई दोस्तों के साथ बैठकर गर्मी से राहत का आनंद ले रहा है। कई लोग तो अपने परिवार के लिए पैक कराकर भी ले जा रहे हैं।
स्थानीय युवाओं के बीच भी गुड्डू भाई की लस्सी खास चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर दुकान की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि
“कांधला की गर्मी का असली इलाज अब दवाई नहीं, गुड्डू भाई की लस्सी है।”
दुकान पर आने वाले ग्राहकों का कहना है कि यहां सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि अपनापन भी मिलता है। गुड्डू भाई खुद ग्राहकों का स्वागत करते नजर आते हैं, जिससे लोगों का जुड़ाव और बढ़ जाता है।
गर्मी के इस मौसम में जहां लोग ठंडक की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं, वहीं गुड्डू भाई की लस्सी लोगों के लिए “देसी कूलिंग सेंटर” बन चुकी है। स्वाद, ठंडक और देसी अंदाज का ऐसा मेल शायद ही कहीं और देखने को मिले।
कस्बे में अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि अगर कांधला आए और गुड्डू भाई की लस्सी, रबड़ी और फालूदा न खाया, तो समझो गर्मी में राहत का असली मजा ही नहीं लिया।
*क्या बोले गुड्डू उर्फ पीर जी*
गुड्डू भाई ने बताया कि उनका मकसद सिर्फ कारोबार करना नहीं, बल्कि लोगों को शुद्ध और स्वादिष्ट लस्सी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि “गर्मी में लोग राहत के लिए हमारी दुकान पर आते हैं। हम कोशिश करते हैं कि हर ग्राहक को अच्छी गुणवत्ता और साफ-सफाई के साथ ठंडी लस्सी मिले। लोगों का प्यार और भरोसा ही हमारी सबसे बड़ी कमाई है।”