तरावीह में कुरआन मुकम्मल होने पर इमाम साहब को बाइक व नगद दे कर किया सम्मानित.

 

 24वें रोजे की रात तरावीह में मुकम्मल हुआ कुरआन, इमाम कारी वाजिद को बाइक, 11 हजार रुपये व कपड़े भेंट

 

सादिक सिद्दीक़ी 

कांधला।कस्बे के मोहल्ला मौलानान स्थित शकरो वाली मस्जिद में रमज़ान के मुकद्दस महीने की रौनक उस समय और बढ़ गई जब 24वें रोजे की रात (25वीं शब) तरावीह की नमाज़ के दौरान पूरे कुरआन पाक की तिलावत मुकम्मल की गई। ख़त्म-ए-क़ुरआन के इस मुबारक मौके पर मस्जिद में अकीदतमंदों की भारी मौजूदगी रही और माहौल इबादत, अकीदत और खुशियों से सराबोर नजर आया।

तरावीह में पूरे रमज़ान भर कुरआन पाक सुनाने वाले मस्जिद के इमाम कारी वाजिद की दीन की खिदमत, मेहनत और लगन को देखते हुए मोहल्ले के लोगों ने उनका विशेष सम्मान किया। इस दौरान उन्हें एक बाइक, 11 हजार रुपये नकद और कपड़े भेंट कर सम्मानित किया गया। जैसे ही यह ऐलान हुआ, मस्जिद में मौजूद नमाज़ियों ने खुशी जाहिर करते हुए इमाम साहब को मुबारकबाद दी और उनके लिए दुआएं कीं।

बताया जाता है कि रमज़ान के पूरे महीने तरावीह में कुरआन पाक सुनाना एक बड़ी जिम्मेदारी और सब्र का काम होता है। इमाम साहब रोज़ाना नमाज़ियों को कुरआन सुनाते हैं और दीन की तालीम भी देते हैं। ऐसे में मोहल्ले के लोगों द्वारा उनका सम्मान किया जाना समाज में दीन की कद्र और इमामों के प्रति इज़्ज़त की एक खूबसूरत मिसाल माना जा रहा है।

इस मौके पर मौजूद बुजुर्गों और युवाओं ने कहा कि इमाम मस्जिद में केवल नमाज़ ही नहीं पढ़ाते बल्कि समाज को सही रास्ता दिखाने का भी काम करते हैं। इसलिए हर मोहल्ले और मस्जिद के लोगों को चाहिए कि वे अपने इमाम की इज़्ज़त करें और उनकी हौसला अफजाई करते रहें।

इमाम कारी वाजिद ने इस मौके पर कहा कि रमज़ान का महीना रहमतों और बरकतों का महीना है और तरावीह में कुरआन पाक सुनाना अल्लाह की बड़ी नेमत है। उन्होंने कहा कि मोहल्ले के लोगों ने जो मोहब्बत, इज़्ज़त और सम्मान दिया है, वह उनके लिए बहुत बड़ी बात है और यह सब अल्लाह की मेहरबानी है।

उन्होंने दुआ करते हुए कहा कि अल्लाह तआला तमाम रोजेदारों की इबादतों को कबूल फरमाए, पूरे इलाके में अमन-चैन, भाईचारा और मोहब्बत कायम रखे और हर घर को खुशियों व बरकतों से मालामाल करे। 

ख़त्म-ए-क़ुरआन के इस मुबारक मौके पर मस्जिद में मौजूद लोगों ने भी सामूहिक दुआ की और अल्लाह से देश और समाज में शांति, तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी। रमज़ान की इस पाक फिजा में लोगों के बीच आपसी मोहब्बत और एकता की झलक साफ नजर आई।

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