
अलविदा जुमे पर मस्जिदों में उमड़ी भीड़, नमाज़ियों ने मुल्क की खुशहाली की मांगी दुआ
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। मुकद्दस रमज़ान उल मुबारक के आखिरी जुमे यानी अलविदा जुमे के मौके पर शुक्रवार को कांधला कस्बे व क्षेत्र की तमाम मस्जिदों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही नमाजियों का मस्जिदों की ओर रुख शुरू हो गया था और दोपहर के समय जुमे की नमाज़ पूरे अकीदत, एहतराम और रूहानी माहौल के बीच अदा की गई। मस्जिदों में इबादत का खास माहौल देखने को मिला और नमाजियों ने अल्लाह तआला की हम्द-ओ-सना बयान करते हुए उसकी रहमतों और बरकतों का शुक्र अदा किया।
नगर की जामा मस्जिद समेत क्षेत्र की अन्य मस्जिदों में भी बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अलविदा जुमे की नमाज़ अता की। नमाज़ के दौरान अकीदतमंदों ने सजदे में झुककर अपने गुनाहों की माफी मांगी और अल्लाह से मुल्क में अमन-चैन, भाईचारा, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज़ियों ने देश और पूरी इंसानियत की भलाई के लिए भी दुआएं कीं।
नमाज़ से पहले उलेमा-ए-किराम ने रमज़ान के पाक महीने की फज़ीलत और अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि रमज़ान का महीना रहमत, मगफिरत और जहन्नम से निजात का महीना है। यह महीना इंसान को सब्र, इबादत और नेक रास्ते पर चलने की सीख देता है। उन्होंने लोगों से समाज में आपसी भाईचारा कायम रखने, जरूरतमंदों की मदद करने और इंसानियत का पैगाम फैलाने की अपील की।
अलविदा जुमे के मौके पर मस्जिदों के आसपास का माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा नजर आया। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर दुआएं दीं और रमज़ान के आखिरी जुमे की मुबारकबाद दी। कई अकीदतमंदों ने अल्लाह से देश में शांति, भाईचारे और तरक्की की दुआ मांगी।
वहीं अलविदा जुमे को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। नगर की प्रमुख मस्जिदों और मुख्य मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। पुलिसकर्मी लगातार गश्त करते नजर आए, जिससे नमाज़ियों ने पूरी शांति और सुकून के साथ अपनी इबादत अदा की। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के कारण नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
अलविदा जुमे के इस मुकद्दस मौके पर कांधला नगर में धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। हर तरफ इबादत, दुआ और इंसानियत का पैगाम गूंजता रहा। पूरे नगर का माहौल रूहानी रंग में रंगा नजर आया, जहां हर दिल में अल्लाह की इबादत और मुल्क की सलामती की दुआ थी।