
दबंग ने मिट्टी डालकर बंद किया नाला, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। खंड विकास क्षेत्र के गांव शाहपुर में करीब 100 वर्षों से बह रहे एक प्राचीन नाले को दबंगों द्वारा बंद किए जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाले के बंद होने से पूरे मोहल्ले में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। इतना ही नहीं, गंदा पानी प्राथमिक विद्यालय तक पहुंच गया, जिसके चलते बच्चों और शिक्षकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव शाहपुर में खसरा नंबर 4 से होकर गुजरने वाला यह नाला पिछले लगभग 100 वर्षों से मखमूलपुर उर्फ ख्वासपुर मोहल्ले के करीब 80 घरों के पानी की निकासी का एकमात्र साधन रहा है। लेकिन गांव के ही एक दबंग व्यक्ति रामपाल पुत्र दरयाव सिंह द्वारा नाले के रास्ते को अवरुद्ध कर दिया गया है। इसके चलते मोहल्ले का गंदा पानी घरों के सामने और गलियों में जमा हो गया है, जिससे बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण लोगों का आवागमन भी मुश्किल हो गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है। हालात इतने खराब हो गए कि नाले के पास स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर-2 के परिसर में भी गंदा पानी भर गया। इससे स्कूल के संचालन पर भी असर पड़ने लगा और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार क्षेत्र के लेखपाल विजय कुमार को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल आरोपी रामपाल का समर्थन कर रहे हैं, जिसके चलते समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने 21 फरवरी को ब्लॉक मुख्यालय में भी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद सेक्रेटरी के आदेश पर नाले को खुलवा दिया गया था, लेकिन आरोपी रामपाल ने प्रशासन के आदेशों की अनदेखी करते हुए जेसीबी मशीन से मिट्टी डालकर नाले को दोबारा बंद कर दिया।
नाले के बंद होने से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और किसी भी समय विवाद की स्थिति पैदा होने की आशंका जताई जा रही है। परेशान ग्रामीण विपिन मलिक, अमित मलिक, रुजत कुमार, ओमकार, सुभाष, सतेंद्र, ओमपाल और जयवीर सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करें और तुरंत नाले से मिट्टी हटवाकर जल निकासी की व्यवस्था बहाल कराएं।