
कांधला देहात में सियासी हलचल गय्यूर हसन की लखनऊ यात्रा से गरम हुआ माहौल,
सांसद इकरा हसन व पूर्व सांसद तबस्सुम हसन का साथ, अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद बढ़ा गय्यूर हसन का कद
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला देहात ग्राम पंचायत चुनाव की अधिसूचना भले ही अभी जारी न हुई हो, लेकिन शामली जिले के कांधला देहात में सियासी तापमान चरम पर है।
समाजवादी पार्टी के सक्रिय नेता गय्यूर हसन की लखनऊ में सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से हुई मुलाकात ने राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।इस अहम मुलाकात में कैराना की सांसद इकरा हसन और पूर्व सांसद तबस्सुम हसन भी मौजूद रहीं।तीनों नेताओं की इस बैठक को समाजवादी पार्टी की आने वाले देहात चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।सूत्रों के अनुसार, लखनऊ में हुई चर्चा के दौरान गय्यूर हसन ने क्षेत्र की जनता की समस्याओं, विकास योजनाओं और संगठन की मजबूती पर विस्तार से बात की।सपा प्रमुख ने उनके प्रयासों की सराहना की और पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने का आह्वान किया।
कांधला देहात में चर्चा “गय्यूर हसन नया चेहरा!”
कांधला देहात की चौपालों और गलियों में अब एक ही चर्चा गूंज रही है “गय्यूर हसन की चाल अब सटीक पड़ रही है!”लोगों का कहना है कि उनकी यह लखनऊ यात्रा केवल औपचारिक भेंट नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों की बड़ी तैयारी का संकेत है।
विपक्षी खेमों में खलबली
!गय्यूर हसन की बढ़ती सक्रियता और सपा नेतृत्व से नजदीकी ने विपक्षी दलों में हलचल मचा दी है।जहां सपा समर्थक इसे “जनता की उम्मीदों की जीत” बता रहे हैं, वहीं विरोधी खेमे अब अपनी रणनीतियाँ बदलने में जुट गए हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अखिलेश यादव, इकरा हसन और तबस्सुम हसन का समर्थन मिलने के बाद गय्यूर हसन का कद तेजी से बढ़ा है और उनका प्रभाव अब सीधा वोट बैंक पर पड़ सकता है।
*संक्षेप में:
गय्यूर हसन की यह लखनऊ यात्रा और सपा नेतृत्व से उनकी नजदीकी ने कांधला देहात की राजनीति में नया जोश भर दिया है।आने वाले ग्राम पंचायत चुनावों में गय्यूर हसन की भूमिका निर्णायक दिख रही है और विपक्ष में मची खलबली इसका सबसे बड़ा सबूत है।