एकल विद्यालय के बैनर तले 23 गांवों के होनहारों का जलवा, गुज्जरपुर की बालिकाओं ने जीता सबका दिल
शामली। एकल विद्यालय के तत्वावधान में आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता ने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की प्रतिभा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। इस प्रतियोगिता में 23 आसपास के गांवों से सैकड़ों बच्चों ने हिस्सा लिया, जहां ज्ञान के विभिन्न आयामों पर उनकी पैनी बुद्धि और तत्परता का प्रदर्शन हुआ। प्रतियोगिता का आयोजन स्थानीय स्तर पर किया गया था, जो बच्चों में सामान्य ज्ञान की रुचि जगाने और उन्हें बड़े मंचों के लिए तैयार करने का माध्यम बना। इन उपलब्धियों का श्रेय गुज्जरपुर गांव की क्रांतिकारी शिक्षिका और समाजसेवी संध्या चौहान जी को जाता है।
इस प्रतियोगिता में गुज्जरपुर गांव की छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का ऐसा लोहा मनवाया कि सभी दंग रह गए। कक्षा 4 की होनहार छात्रा रीत चौहान (पुत्री भीम सिंह) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम स्थान हासिल किया। रीत ने इतिहास, भूगोल और विज्ञान से जुड़े सवालों के जवाब इतनी सहजता से दिए कि आयोजक भी उनकी सराहना करने से खुद को नहीं रोक सके। इसी गांव की कक्षा 5 की छात्रा अलीशा (पुत्री राशिद) ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया, जबकि कक्षा 7 की सुहाना (पुत्री साजिद) ने अपनी बुद्धिमत्ता से सभी को प्रभावित कर दिया। इन तीनों छात्राओं ने न केवल गुज्जरपुर गांव का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे क्षेत्र में लड़कियों की शिक्षा की महत्ता को रेखांकित भी किया।
चयनित छात्राएं अब जिला स्तर या अन्य उच्च स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगी, जहां वे अपनी प्रतिभा का और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगी। आयोजकों ने इन बालिकाओं के उज्जवल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और उम्मीद जताई है कि वे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेंगी।
इन उपलब्धियों का श्रेय गुज्जरपुर गांव की क्रांतिकारी शिक्षिका और समाजसेवी संध्या चौहान जी को जाता है। संध्या जी ने न केवल इन छात्राओं को प्रतियोगिता के लिए तैयार किया, बल्कि गांव में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी मेहनत से गांव के बच्चे आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं।
संध्या चौहान जी ग्रामीण भारत में शिक्षा के बदलते स्वरूप का प्रतीक है, जो एकल विद्यालय जैसे प्रयास से बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ रही हैं।