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नई दिल्ली, 13 दिसंबर — संसद भवन पर 13 दिसंबर 2001 को हुए आतंकी हमले की आज बरसी के अवसर पर उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोक सभा अध्यक्ष, राज्य सभा के सभापति सहित कई केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संसद भवन परिसर में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि यह दिन हमें उन वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व के लिए एक सशक्त संदेश है कि भारत किसी भी प्रकार की आतंकवादी मंशा के सामने कभी झुकेगा नहीं।

श्रद्धांजलि समारोह के दौरान संसद भवन परिसर में मौन धारण किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम उन सभी शहीदों के योगदान को सदैव याद रखेंगे, जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनका साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा।

2001 के इस हमले में दिल्ली पुलिस और संसद सुरक्षा बल के कई जवानों ने आतंकियों से मुकाबला करते हुए शहादत दी थी। आज का यह दिन राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति अटूट संकल्प और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक बन गया है।

 

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