
मिलावटखोरों के खिलाफ भाकियू की हुंकार खोया-पनीर व मिठाइयों में मिलावट के खिलाफ
कांधला/शामली। दीपावली पर्व नज़दीक आते ही कस्बे और क्षेत्र में मिठाइयों, खोया, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल तेज़ी से चल रहा है। बाजारों में खुलेआम नकली खोया व पनीर बिक रहा है, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस बढ़ती मिलावटखोरी के खिलाफ अब भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने मोर्चा खोल दिया है। दरअसल, कलेक्ट्रेट शामली में भारतीय किसान यूनियन के धरना-प्रदर्शन के दौरान जहां किसानों ने गन्ना मूल्य वृद्धि की पुरजोर मांग उठाई, वहीं भाकियू नेताओं ने शहरों और कस्बों में नकली खोया-पनीर से बनी मिठाइयों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।भाकियू मंडल उपाध्यक्ष ब्रह्मपाल नाला ने मंच से बोलते हुए कहा कि “त्योहारों के नाम पर लोगों को ज़हर परोसा जा रहा है। खोया, पनीर, दूध और मिठाइयों में मिलावट के चलते जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यदि प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो भाकियू सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।” उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन की लापरवाही के कारण मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं। दुकानदार खुलेआम मिलावटी खोया और नकली पनीर बेच रहे हैं, और जांच का नाम तक नहीं लिया जा रहा है।भाकियू नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अब ढिलाई नहीं चलेगी मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, छापेमारी, और कानूनी दंड अनिवार्य है। यूनियन ने यह भी मांग की कि खाद्य विभाग तत्काल विशेष टीम गठित करे जो दीपावली से पहले मिठाई बाजारों की जांच करे और दोषी दुकानदारों पर शिकंजा कसे।

भाकियू ने स्पष्ट किया कि जब तक मिलावटखोरी पर अंकुश नहीं लगाया जाएगा, तब तक यूनियन का संघर्ष जारी रहेगा।
“भ्रष्टाचार और मिलावट के खिलाफ किसानों की यह जंग जनता के स्वास्थ्य और न्याय की जंग है।” ब्रह्मपाल नाला, मंडल उपाध्यक्ष भाकियू