ढ़ोल नगाडो की गूंज के साथ बदमाश जिला बदर…

 

कुख्यात संजय पुत्र सोम सिंह को 6 माह के लिए जिले से बाहर किया गया कुख्यात बदमाश संजय जिला बदर, छह माह तक नहीं रख पाएगा जिले में कदम

सादिक सिद्दीक़ी

कांधला शामली। अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस और प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। जनपद शामली के कांधला कस्बे से जुड़े कुख्यात बदमाश संजय पुत्र सोम सिंह को जिलाधिकारी के आदेश पर छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया गया है। शनिवार को थाना प्रभारी सतीश कुमार, गंगेरू चौकी इंचार्ज विक्रम भाटी तथा भारी पुलिस बल गांव इस्लामपुर घसौली पहुंचे। यहां ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पूरे गांव में मुनादी कराते हुए ऐलान किया गया कि आरोपी को छह माह तक जिले की सीमा में दाखिल होने की अनुमति नहीं है।

जानकारी के अनुसार, संजय पुत्र सोम सिंह पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संजय का आतंक गांव और आसपास के इलाकों में लंबे समय से बना हुआ था। उसकी दबंगई से ग्रामीण परेशान थे और कई लोग उसके खिलाफ शिकायत करने से भी कतराते थे।पुलिस जब गांव की गलियों में ढोल-नगाड़े बजाते हुए पहुंची तो लोग घरों से बाहर निकल आए। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक मुनादी का यह नजारा देखने के लिए एकत्र हो गए। पुलिस ने साफ-साफ कह

“यदि संजय जिला बदरी की अवधि यानी छह माह के भीतर कहीं भी जिले में दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।”

यह घोषणा सुनते ही पूरे गांव में चर्चा का दौर शुरू हो गया। ग्रामीणों ने इसे अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश बताया।

जिलाधिकारी शामली ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जिला बदर की कार्रवाई उन्हीं अपराधियों पर होती है, जिनका आपराधिक इतिहास समाज के लिए खतरा बन चुका हो। उन्होंने कहा कि संजय जैसे बदमाशों की वजह से आम नागरिकों का जीना दूभर हो जाता है। ऐसे लोगों पर अंकुश लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि संजय लंबे समय से क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में शामिल था। उसे कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उसने सुधार नहीं किया। मजबूरन प्रशासन को उसके खिलाफ जिला बदरी की कार्रवाई करनी पड़ी। चौकी इंचार्ज विक्रम भाटी ने कहा कि यह मुनादी सिर्फ औपचारिकता नहीं है, बल्कि अपराधियों को यह संदेश देने के लिए है कि पुलिस अब किसी भी हाल में ढिलाई नहीं बरतेगी।

गांव इस्लामपुर घसौली और आसपास के लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना है कि ढोल-नगाड़ों के साथ हुई मुनादी ऐतिहासिक रही। इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों में भय और आम लोगों में भरोसा पैदा होता है।प्रशासन की इस सख्ती ने अन्य अपराधियों की भी नींद उड़ाई है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यदि इसी तरह की कार्रवाइयां लगातार होती रहीं तो क्षेत्र में अपराध पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकेगी।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!