कांधला (जिला शामली)। कस्बे का बिजली घर मार्ग आज विकास के नाम पर सरकारी उपेक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण बन चुका है। वर्षों से इस रास्ते की हालत बदतर बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं। जरा सी बारिश होती है और यह मार्ग किसी तालाब में तब्दील हो जाता है। कीचड़, गड्ढे और जलभराव ने इसे चलने लायक नहीं छोड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी यहां के बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।
स्कूली बच्चों का स्कूल जाना हो जाता है मुश्किल
बिजली घर मार्ग से रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चे स्कूल जाते हैं। लेकिन जैसे ही बारिश होती है, पूरा मार्ग पानी में डूब जाता है। बच्चे जूते उतारकर कीचड़ में चलते हैं, कई बार गिर भी जाते हैं। अभिभावकों की चिंता बढ़ जाती है, लेकिन जिम्मेदारों को न शर्म आती है, न चिंता।
ग्राम प्रधान ने चुनाव के समय वादा किया था कि ये सड़क जल्द बनेगी, नाला निकासी कराई जाएगी, लेकिन अब वो खुद लापता हैं। न उनका कोई जवाब आता है, न क्षेत्र में दिखाई देते हैं। हम पूछना चाहते हैं – प्रधान जी, आप हैं कहां?
ये रास्ता हमारे लिए सजा बन गया है। अगर किसी की तबीयत बिगड़ जाए तो उसे अस्पताल तक ले जाना भी मुश्किल है। कीचड़ और गड्ढों से भरे इस मार्ग को पार करना जान जोखिम में डालने जैसा है।
अब अगर जल्द ही इस मार्ग की हालत नहीं सुधारी गई, तो हम सब मिलकर आंदोलन शुरू करेंगे। मीडिया, प्रशासन, हर जगह आवाज उठाएंगे। बस अब और नहीं!
जनता की मांग है स्पष्ट – जल्द शुरू हो सड़क, पानी निकासी और नाला निर्माण कार्य। वरना आंदोलन की राह पर उतरने को मजबूर होंगे।