कांधला। कांधला विकास खंड के गांव मलकपुर में राशन की कालाबाजारी की शिकायत पर पहुंची टीम के सामने हुए पथराव व मारपीट के बाद मंगलवार को उपजिलाधिकारी कैराना ने गांव में पहुंचकर राशन की दुकान का निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर दर्जनों ग्रामीण भी मौजूद रहे। वही सोमवार को हुए पथराव व मारपीट के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के 06 लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।
गांव मलकपुर में शासन के द्वारा सोहन वाल्मिकी को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का आंवटन किया गया है। पिछले काफी समय से सोहन की तबीयत खराब होने के चलते दुकान का संचालन उसकी पुत्री ममता करती है, जहां पर सहायक के रूप में गांव निवासी नासिर पुत्र रफीक कार्य करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सोहन से अपनी दबंगता के चलते नासिर ने उक्त सरकारी राशन की दुकान को ठेके पर लिया हुआ है तथा वह ग्रामीणों को पूरा राशन ना देकर राशन की कालाबाजारी करता है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी कैराना निधि भारद्धाज को की थी। शिकायत के बाद एसडीएम कैराना के आदेश के बाद तहसीलदार कैराना अर्जुन चैहान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे, इस दौरान रास्ते में ग्रामीणों ने कट्टे बदलकर शामली बाजार में बेचने के लिए ले जाया जा रहा लगभग 11 कुंतल अनाज पकडकर टीम को सौप दिया था। इस दौरान टीम जब नासिर के मकान में स्थित राशन की दुकान पर चैकिंग के लिए पहुंची तो अचानक ग्रामीण उग्र हो गए तथा ग्रामीणों व नासिर पक्ष के बीच संघर्ष शुरू हो गया। जिस पर दोनों तरफ से लाठी डंडों के साथ जमकर पत्थरबाजी हुई थी, देखते ही देखते संघर्ष इतना बढ गया कि जांच करने के लिए पहुंची टीम व पुलिस को मौके से भागना पडा था, तथा मामले में दोनों पक्षों ने थाने पहुंच कर शिकायती पत्र देते हुए कार्यवाही की मांग की थी। मामले में मंगलवार को उपजिलाधिकारी कैराना निधि भारद्धाज खुद गांव मलकपुर पहुंची तथा वहां राशन की दुकान का स्टाॅक का मिलान करने के साथ राशन डीलर की पुत्री के साथ अन्य ग्रामीणों से पूछताछ की। इस दौरान वहां मौके पर दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। वही मामले में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए मनव्वर पुत्र मश्रूक, सद्दाम पुत्र माजिम, नासिर पुत्र रफीक, नदीम पुत्र नासिर के साथ – साथ दूसरे पक्ष से अशीक पुत्र इलियास निवासी इकरामपुरा थाना कैराना, अमजद पुत्र अलीनवाज निवासी ग्राम मलकपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
निधी भारद्धाज उपजिलाधिकारी कैराना का बयान!
कल सुबह ग्रामीणों की शिकायत पर नायाब तहसीलदार वह आपूर्ति निरीक्षक को मौके पर भेजा गया था, जब अधिकारी द्वारा स्टाॅक चैक करने के लिए डीलर की दुकान पर पहुंचे तो उसी समय विवाद होकर संघर्ष हो गया था, जिस कारण टीम स्टाॅक का मिलान नही कर पाई थी। आज मेरे द्वारा स्टाॅक का मिलान कर मामले की गहनता से जांच की जा रही है। डीलर का स्टाॅक आनलाॅइन भी चैक किया जायेगा, क्योकि डीलर के पास पिछले माह का भी स्टाॅक बचा हुआ था। उसके उपरांत ही पता चल पायेगा कि कितना माल मौके पर कम है। निधी भारद्धाज उपजिलाधिकारी कैराना।