कांधला। (शामली) सरकार द्वारा गरीबों के लिए जारी किया जाने वाला राशन एक बार फिर डीलरों की भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। कांधला विकास खंड के गांव मलकपुर में राशन डीलर द्वारा गरीबों का अनाज बेचकर उनके हक की रोटी छीने जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने जब इस धांधली को पकड़ा तो पूरा सच सामने आ गया।
सरकारी बोरियां बदलकर की जा रही थी सरकारी राशन की तस्करी!
गांव वालों ने बताया कि मलकपुर का राशन डीलर हर महीने गरीबों का कोटा बेचकर अपनी जेब भरता है। इस बार जब एक स्थानीय व्यापारी को चावल बेचकर उसे रेढ़े वाले के जरिए ले जाया जा रहा था, तो ग्रामीणों ने उसे रास्ते में रोक लिया। गुस्साए ग्रामीणों ने पूछा कि यह सरकारी राशन कहां ले जाया जा रहा है? जवाब में व्यापारी ने बताया कि वह यह चावल राशन डीलर सोहन कुमार से 25 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खरीदकर ले जा रहा हूं।
मीडिया के सामने खुला पूरा खेल
ग्रामीणों ने देखा कि व्यापारी ने सरकारी पैकिंग वाली बोरियों को खाली करके प्राइवेट कट्टों में अनाज बदल दिया था, ताकि पकड़े जाने पर कोई सबूत न बचे। लेकिन कहते हैं ना कि चोर की दाढ़ी में तिनका! इस व्यापारी ने पैकिंग तो बदल ली लेकिन सरकारी पैकिंग की खाली बोरी भी साथ में ही ले जा रहा था। इसके बाद गांव वालों ने मीडिया को सूचना दी और पत्रकारों के सामने पूरा मामला उजागर किया।
ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग!
ग्रामीणों का आरोप है कि राशन डीलर लंबे समय से गरीबों का हक मारकर अनाज बेच रहा है, लेकिन प्रशासन की मिलीभगत के कारण कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि तुरंत इस मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचने के बजाय भ्रष्ट डीलरों और व्यापारियों की जेब में जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है।