शामली में कर्मचारी संघ की बैठक, कंपनी प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप: ईपीएफ-ईएसआई का पैसा नहीं, सेफ्टी उपकरण नहीं, कर्मचारियों ने कोर्ट का रास्ता अपनाने की दी चेतावनी!
शामली (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के संविदा कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन और विद्युत अधिकारियों के खिलाफ आवाज बुलंद की है। शामली में आयोजित कर्मचारी संघ की बैठक में कर्मचारियों ने वेतन, सुरक्षा उपकरणों की कमी और अनियमित छंटनी जैसे मुद्दों पर गंभीर आरोप लगाए।
मुख्य शिकायतें:
वेतन और भुगतान में देरी: कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें महीनों से नियमित वेतन नहीं मिला है। साथ ही, ईपीएफ और ईएसआई जैसे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का पैसा भी उनके खातों में जमा नहीं किया गया है।
बिना कारण छंटनी: संविदा कर्मचारियों को बिना किसी स्पष्टीकरण के नौकरी से निकाला जा रहा है। आरोप है कि मैहर इंटरप्राइजेज कंपनी पुराने कर्मचारियों को हटाकर नए लोगों को भर्ती कर रही है।
सुरक्षा उपकरणों की कमी: विद्युत दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है, क्योंकि कंपनी द्वारा सेफ्टी गियर नहीं दिए गए हैं।
कार्ड नहीं जारी: कर्मचारियों को आई-कार्ड और ईएसआई कार्ड भी नहीं दिए गए हैं, जिससे उन्हें कानूनी और चिकित्सा सुविधाओं में दिक्कत हो रही है।
संघ की मांग और चेतावनी:
कर्मचारी संघ के नेताओं ने कहा कि उन्होंने प्रशासन को कई बार सूचित किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब कर्मचारी न्यायालय का रुख करने को तैयार हैं। संघ ने मांग की कि पहले पुराने कर्मचारियों की समस्याएं हल की जाएं, फिर नई भर्ती की जाए।
बैठक में मौजूद प्रमुख लोग:
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बलवान सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष राजेंद्र चौहान, जिला महामंत्री नरेश कुमार, संगठन मंत्री सुरेश चौहान, भूपेंद्र कुमार, दिलावर सिंह, रामवीर चौधरी, पवन बालियान, नईम उर्फ सोनू ठाकुर और मीडिया प्रभारी मोहम्मद इकरार ने बैठक को संबोधित किया।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो कर्मचारी हड़ताल और कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री से हस्तक्षेप की भी मांग की है।
UPPCL प्रबंधन की लापरवाही से कर्मचारी त्रस्त हैं। अगर जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया, तो यह विवाद और बढ़ सकता है।