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विस्मृत नहीं हो सकता आपातकाल का कलंक: कैराना तहसील में 50वीं वर्षगांठ पर भाजपा नेता अनिल चौहान का जोरदार बयान!

कैराना। तहसील मुख्यालय पर बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल लागू होने की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम ‘आपातकाल दिवस’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्यालय स्थित सभागार कक्ष में आयोजित हुआ, जिसमें वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान वर्ष 1975 में थोपे गए आपातकाल की याद में दो अलग-अलग डॉक्यूमेंट्री फिल्में दिखाई गईं, जिनमें उस काल के दृश्यों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया था। मुख्य अतिथि अनिल चौहान ने अपने संबोधन में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र पर एक कलंक और अमिट धब्बा बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा थोपा गया यह आपातकाल एक ऐसी घटना है जिसे कभी विस्मृत नहीं किया जा सकता। चौहान ने आगे कहा कि इस दौरान विपक्षी नेताओं और सामान्य नागरिकों को सरकारी जुल्म का सामना करना पड़ा था। नागरिक अधिकारों को निलंबित करके लोगों को जेलों में ठूंस दिया गया था। उन्होंने इसे आजाद भारत के इतिहास की सबसे वीभत्स घटनाओं में से एक करार दिया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में उस दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले 11 लोकतंत्र सेनानियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इनमें शौकत, इकबाल, अनवार, महबूब, हबीब, गौरीशंकर, इदरीश, जिन्दी, मुनीरा, जमीला और नाजमा शामिल थे। इन सेनानियों को पुष्प मालाएं पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर और प्रशस्ति-पत्र प्रदान करके उनके योगदान को सलाम किया गया।

कार्यक्रम का संचालन रजिस्ट्रार-कानूनगो देवानंद ने किया। इस अवसर पर एसडीएम निधि भारद्वाज, तहसीलदार अर्जुन चौहान तथा राजस्व निरीक्षक कैराना अरविंद कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के लिए किए गए संघर्ष और उसके महत्व से अवगत कराना था।

 

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