सात पीढ़ियों को सबक सिखाएंगे!, किसान परिवार को सुरेश राणा ने दिलाया न्याय का भरोसा!
कैराना (शामली), 23 जून। भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने सोमवार को कैराना स्थित मृतक किसान देवेंद्र उर्फ देवी (50) के आवास पर पहुँचकर परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने हत्यारों के खिलाफ “कब्र से भी निकालकर सख्त कार्रवाई” का ऐलान किया और कहा कि “कैराना के सुरक्षित माहौल को किसी की नजर नहीं लगने देंगे”।
हत्याओं का क्रम व पुलिस की कार्रवाई:
पहली घटना (9 जून): देवेंद्र उर्फ देवी की रात में खेत पर बैठे हुए बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर यूसुफ, मोमीन व भूरा को गिरफ्तार कर जेल भेजा, लेकिन मुख्य आरोपी तनवीर कुरैशी अभी फरार है।
दूसरी घटना (16 जून): हरियाणा के पानीपत निवासी किसान देवेंद्र देशवाल की मामौर गाँव में खेत पर चाकू और गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुठभेड़ में पुलिस ने मुख्य आरोपी नदीम व फरमान को गिरफ्तार किया, जबकि तीसरा आरोपी शोबान अस्पताल में इलाजरत है।
सुरेश राणा का बयान:
“पनाहगारों व साजिशकर्ताओं पर होगी कार्रवाई”: राणा ने जोर देकर कहा कि हत्यारों के साथ-साथ उनके संरक्षकों और षड्यंत्र रचने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने प्रदेश के डीजीपी से बात कर त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया।
“2017 के पलायन की वापसी नहीं होने देंगे”: राणा ने याद दिलाया कि योगी सरकार से पहले कैराना में अपराधियों के आतंक से व्यापारियों को पलायन करना पड़ा था, लेकिन अब पेट्रोल पंप, नेशनल हाईवे, पीएसी कैंप जैसे विकास कार्यों और सुरक्षा उपायों से माहौल बदला है।
स्थानीय प्रतिक्रिया व चिंताएँ:
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर नाकामी का आरोप लगाते हुए स्थायी चौकियाँ, सीसीटीवी और रात्रि गश्ती बढ़ाने की मांग की है।
धार्मिक नेताओं ने एक सप्ताह के भीतर आरोपियों पर रासुका लगाने की चेतावनी दी है, जिससे सियासी दबाव बढ़ा है।
राजनीतिक संदर्भ:
कैराना पश्चिमी यूपी का संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, जहाँ 2017 से पहले सांप्रदायिक तनाव और पलायन ने राष्ट्रीय सुर्ख़ियाँ बटोरी थीं। विपक्षी दल अब किसान हत्याओं को कानून-व्यवस्था की विफलता बता रहे हैं।
राणा ने भरोसा दिलाया कि विशेष जाँच टीमें घटनाओं की गहराई से छानबीन कर रही हैं और शीघ्र ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने किसानों, व्यापारियों और महिलाओं की सुरक्षा को “भाजपा की प्राथमिकता” बताया।
इस घटना ने कैराना में सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जहाँ सरकार विकास के दावे करती है, वहीं स्थानीय लोग ठोस कार्रवाई की माँग को लेकर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे रहे हैं।