सहारनपुर में गोआश्रय स्थलों पर सीसीटीवी अनिवार्य, डीएम ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
गोसंरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं! मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को डीएम ने लगाई फटकार
नैपियर घास की बुआई और गोआश्रय निर्माण को प्राथमिकता: डीएम बंसल ने कहा- शिथिलता बर्दाश्त नहीं
सहारनपुर। जनपद में गोवंश संरक्षण को लेकर प्रशासन ने गंभीर पहल शुरू की है। जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में गोआश्रय स्थलों के प्रबंधन, निरीक्षण और संचालन को लेकर आयोजित बैठक में अहम निर्णय लिए गए। बैठक में सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ), पशु चिकित्सा विभाग और जनपद स्तरीय अधिकारियों को ठोस दिशा-निर्देश जारी किए गए।
डीएम श्री बंसल ने सभी बीडीओ को निर्देश दिए कि सोमवार तक जनपद के समस्त गोआश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को भूसा खरीद के लिए तत्काल टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया गया। उन्होंने निराश्रित गोवंश के लिए चारे की उपलब्धता को प्राथमिकता बताया।
जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों और इंजीनियर्स के साथ चिन्हित स्थलों का निरीक्षण कर मंगलवार दोपहर तक गोआश्रयों का नक्शा बनाकर रिपोर्ट पेश करें। जिन स्थलों पर निर्माण धीमी गति से चल रहा है, उन्हें शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया गया।
डीएम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.पी. सिंह गौर की खराब कार्यशैली और लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि “गोवंश की चिकित्सा व्यवस्था में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी ने चारागाह भूमि पर नैपियर घास की बुआई को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे पशुओं के लिए पौष्टिक चारे की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही, गोसंरक्षण अभियान से जुड़ी टीमों को निरंतर निरीक्षण और सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया।
मुख्य विकास अधिकारी श्री सुमित राजेश महाजन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी और अधिशासी अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। डीएम ने अंत में स्पष्ट किया कि “गोवंश संरक्षण में कोई भी ढिलाई गंभीर परिणाम देगी। इसके लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।”