ड्रग्स नशा

 

कांधला: बायपास पर नशीले इंजेक्शन का खुला कारोबार, स्कूटी सवार युवक का सनसनीखेज वीडियो वायरल! 

कॉलेज के नजदीक युवाओं को बर्बाद करने वाले नशा माफिया के खिलाफ मोहल्लावासियों ने उठाई आवाज, जेल भेजने की मांग!

100 रुपये में डोज दे रहे झोलाछाप डॉक्टर, प्रशासन की चेतावनी के बावजूद नशे का अड्डा बना कांधला!

शामली। नगर कांधला के कैराना बायपास मार्ग स्थित चार खंभे के निकट शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले प्रतिबंधित इंजेक्शन का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। यहां स्कूटी सवार एक युवक द्वारा युवाओं को इंजेक्शन बेचते हुए बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने प्रशासन और समाज को हिलाकर रख दिया है। मोहल्लावासियों ने आरोप लगाया है कि झोलाछाप डॉक्टरों और नशा माफिया की सांठगांठ से यह इलाका युवाओं के लिए जहर बन गया है।

कैसे होता है कारोबार?

मात्र 100 रुपये में इंजेक्शन: आरोपियों द्वारा युवाओं को पहले सस्ते दामों पर नशीले इंजेक्शन की “डोज” दी जाती है। बाद में उन्हें महंगे नशे जैसे स्मैक आदि की लत लगाकर नियमित ग्राहक बनाया जाता है।

स्कूल-कॉलेज के नजदीक टारगेट: कैराना बायपास पर स्थित प्राइवेट स्कूल और कॉलेज के आसपास नशा बेचने वाले सक्रिय हैं, जहां युवा आसानी से उनके जाल में फंस जाते हैं।

वीडियो में कैद हुआ सौदा: रविवार को एक स्कूटी सवार व्यक्ति ने युवाओं को इंजेक्शन बेचते हुए वीडियो बनाई, जिसे मोहल्लावासियों ने सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसके बाद से ही नगर में तहलका मचा हुआ है।

समाज और प्रशासन की प्रतिक्रिया:

मोहल्लावासियों का आक्रोश: स्थानीय निवासियों ने बताया कि पहले भी इस मामले में शिकायत की गई, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब उनकी मांग है कि आरोपियों को जेल भेजा जाए और इस इलाके को नशामुक्त किया जाए।

पुलिस की जांच जारी: थाना प्रभारी निरीक्षक क्षितिज कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक किसी की पहचान नहीं हो पाई है।

बड़ा सवाल: शैक्षणिक परिसरों के आसपास क्यों फल-फूल रहा नशा?

यह घटना उस चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करती है, जहां नशा माफिया शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक सक्रिय होकर युवाओं को निशाना बना रहा है। गुजरात और दिल्ली जैसे राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां स्कूल-कॉलेजों के आसपास 100 गज के दायरे को पान, गुटखा और शराब नशामुक्त घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन कांधला में तो इससे भी ऊपर जानलेवा नशे का कारोबार शैक्षणिक संस्थाओं के इर्दगिर्द किया जा रहा है। शामली जैसे क्षेत्रों में समाज द्वारा नशा विक्रेताओं का सामाजिक बहिष्कार भी इस समस्या से निपटने का एक तरीका बताया गया है।

नशे के खिलाफ जंग में क्या हो सकते हैं समाधान?

सख्त निगरानी: शैक्षणिक संस्थानों के आसपास पुलिस और प्रशासन को नियमित गश्त बढ़ानी होगी।

जागरूकता अभियान: युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में शिविरों के माध्यम से शिक्षित करना।

सामुदायिक भागीदारी: शामली की तर्ज पर स्थानीय समितियों का गठन कर नशा माफिया के खिलाफ एकजुट होना।

नशा युवाओं के भविष्य को नष्ट करने वाला जहर है। कांधला में बायपास की यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि समाज को भी जागरूक होने का संदेश देती है। प्रशासन की कार्रवाई और सामुदायिक सहयोग से ही इस समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है।

 

 

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