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कांग्रेस जिलाध्यक्ष की एडिटेड फोटो वायरल, पूर्व नगराध्यक्ष के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

सोशल मीडिया पर एडिटेड तस्वीर से कांग्रेस नेता की मानहानि, आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज

ओम बिरला को शुभकामनाएं दिखाकर वायरल की गई एडिट फोटो, कांग्रेस नेता बोले- छवि को नुकसान

कैराना (शामली), उत्तर प्रदेश: कांग्रेस पार्टी के शामली जिलाध्यक्ष अखलाक प्रधान की एक एडिटेड तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। प्रधान ने पार्टी के ही पूर्व नगराध्यक्ष लोकेश कटारिया पर उनकी छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कोतवाली कैराना पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम 2008 की धारा-66ई के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या है मामला?

अखलाक प्रधान, जो पंजीठ गांव के वर्तमान ग्राम प्रधान भी हैं, ने बताया कि 7 अप्रैल को सोशल मीडिया के कई ग्रुप्स में उनकी एक फोटो एडिट करके वायरल की गई। इस फोटो में उन्हें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को शुभकामनाएं देते हुए दिखाया गया था। प्रधान का आरोप है कि इस फोटो को जानबूझकर एडिट करके उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि मैं एक उच्च राजनीतिक पद पर हूं। ऐसी फर्जी तस्वीर वायरल करने से मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

आरोपी पूर्व कांग्रेस नेता

शिकायत के अनुसार, आरोपी लोकेश कटारिया शामली कोतवाली क्षेत्र के गांव खेड़ी करमू का निवासी है और कांग्रेस पार्टी के शामली नगराध्यक्ष पद पर पहले कार्यरत रह चुका है। पुलिस के मुताबिक, कटारिया ने प्रधान की तस्वीर को एडिट कर उसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील संदेश के साथ प्रचारित किया। यह मामला तब और गंभीर हो जाता है, क्योंकि अखलाक प्रधान की पत्नी जिला पंचायत के वार्ड-11 से निर्वाचित सदस्य हैं, और परिवार की सक्रिय राजनीतिक भूमिका को लेकर यह घटना चर्चा में आई है।

कानूनी कार्रवाई और जांच

पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा-66ई (प्राइवेसी का उल्लंघन) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस धारा में गंभीर अपराधों के लिए सजा का प्रावधान है। कैराना पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सबूतों की जांच चल रही है। तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से सोशल मीडिया पोस्ट्स का विश्लेषण किया जा रहा है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस नेताओं ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, वहीं विपक्षी दलों ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर चिंता जताई है। अखलाक प्रधान ने मीडिया से कहा कि यह केवल मेरे खिलाफ नहीं, बल्कि पार्टी की छवि को निशाना बनाने की साजिश है।

यह मामला डिजिटल युग में नेताओं की छवि को लेकर बढ़ती संवेदनशीलता और सोशल मीडिया के दुरुपयोग की चुनौतियों को उजागर करता है। पुलिस जांच के परिणामों का इंतजार किया जा रहा है।

 

 

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