भाकियू (टिकैत) ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महासचिव पद पर अब्बास प्रमुख की नियुक्ति!
किसान आंदोलन को नई ऊर्जा: अब्बास प्रमुख को भाकियू के पश्चिमी यूपी महासचिव पद की जिम्मेदारी
कैराना के अब्बास प्रमुख का बड़ा उत्थान, भाकियू में संगठन को मजबूत करने की चुनौती
कैराना (शामली), उत्तर प्रदेश। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए कैराना क्षेत्र के गांव भूरा निवासी अब्बास प्रमुख को पश्चिमी यूपी का नया महासचिव नियुक्त किया है। यह निर्णय संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा द्वारा घोषित किया गया। अब्बास प्रमुख इससे पहले भाकियू के मंडल महासचिव के पद पर कार्यरत थे और संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें यह उच्च जिम्मेदारी सौंपी गई है।
क्यों चुने गए अब्बास प्रमुख?
भाकियू नेतृत्व ने इस नियुक्ति के पीछे अब्बास प्रमुख के “संगठन के प्रति समर्पण, कार्य निष्ठा और परिश्रम” को प्रमुख आधार बताया है। राजपाल शर्मा ने कहा कि अब्बास जी ने मंडल स्तर पर किसान हितों के लिए अथक प्रयास किए हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता और जनसंपर्क को देखते हुए हमें विश्वास है कि वे पश्चिमी यूपी में भाकियू को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
चुनौतियां और अपेक्षाएं
नए पद पर अब्बास प्रमुख से संगठन को मजबूत करने, किसानों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने और भाकियू की नीतियों व कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की उम्मीद की जा रही है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी यूपी कृषि संकट, बिजली-पानी के मुद्दों और कृषि कानूनों के बाद के परिदृश्य से जूझ रहा है।
समर्थकों में उत्साह
अब्बास प्रमुख की नियुक्ति पर उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। गांव भूरा सहित आसपास के ग्रामीणों और भाकियू कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई देने का सिलसिला शुरू कर दिया है। एक समर्थक ने कहा कि अब्बास साहब सीधे-सादे और जमीन से जुड़े नेता हैं। हमें विश्वास है कि वे किसानों की आवाज बुलंद करेंगे।
भाकियू का पश्चिमी यूपी में प्रभाव
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन का प्रमुख संगठन रहा है। महेंद्र सिंह टिकैत के बाद से यह संगठन किसान अधिकारों और सरकारी नीतियों के विरोध में सक्रिय भूमिका निभाता आया है। अब्बास प्रमुख की यह नई भूमिका संगठन को ग्रामीण क्षेत्रों में और मजबूती देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
इस नियुक्ति के साथ ही भाकियू ने पश्चिमी यूपी में अपनी टीम को युवा और ऊर्जावान नेतृत्व देने का संकेत दिया है। अब देखना होगा कि अब्बास प्रमुख किसानों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए संगठन को कैसे आगे बढ़ाते हैं।