कांधला में महर्षि कश्यप और निषादराज जयंती पर भव्य शोभा यात्रा, झांकियों ने बिखेरा आकर्षण
सीएम योगी की झांकी और महर्षि कश्यप के रथ ने यात्रा में खींचा समां
कश्यप धर्मशाला पर महाआरती के साथ संपन्न हुआ उत्सव, सैकड़ों लोगों ने लिया भाग
शामली। कांधला। महर्षि कश्यप और निषादराज जयंती के अवसर पर शनिवार को नगर में ऐतिहासिक शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। कश्यप समाज उत्थान समिति के तत्वावधान में निकाली गई इस यात्रा को नगर की धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। यात्रा में देवी-देवताओं की झांकियों के साथ-साथ महर्षि कश्यप, निषादराज, बाबा कालू आदि की आकर्षक प्रतिमाएं शामिल रहीं।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ:
शोभा यात्रा का शुभारंभ नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी रोहित गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष हरिराम कश्यप ने कहा कि यह आयोजन समाज में ऋषि परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का प्रयास है। यात्रा में श्री गणेश, खाटू श्याम, मां दुर्गा, माता शबरी, राम-लक्ष्मण, श्रीकृष्ण के साथ महर्षि कश्यप के विशाल रथ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की झांकी ने लोगों का ध्यान खींचा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश:
समिति के सदस्य तनुज कुमार कश्यप ने बताया कि महर्षि कश्यप का आश्रम मेरु पर्वत पर स्थित था, जहाँ वे परमात्मा के ध्यान में लीन रहते थे। उन्होंने बताया कि कश्मीर क्षेत्र पर ऋषि कश्यप और उनके पुत्रों का शासन था, जबकि कैलाश पर्वत के आसपास भगवान शिव के गणों और दक्ष प्रजापति का अधिकार था।
महिलाओं ने दिखाई सक्रिय भागीदारी:
यात्रा में नाचते-गाते और थिरकते लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। नगर के विभिन्न मोहल्लों में पुष्पवर्षा कर लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो समाज में बदलती मानसिकता का संकेत देता है।
धर्मशाला पर संपन्न हुआ समारोह:
शोभा यात्रा कश्यप धर्मशाला पहुँचकर संपन्न हुई, जहाँ महाआरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान रोहित गुप्ता, तनुज कश्यप, राकेश कश्यप, बाबूराम कश्यप, हरि मोहन चैहान सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। समिति ने सभी सहयोगियों का आभार जताया और आगामी वर्ष इस उत्सव को और व्यापक रूप से मनाने का संकल्प लिया।
“यह आयोजन न केवल धार्मिक एकता बल्कि सांस्कृतिक विरासत को संजोने का भी प्रतीक बना,” – हरिराम कश्यप, अध्यक्ष, कश्यप समाज उत्थान समिति।