किन्नर समुदाय का थाने के सामने नंगा प्रदर्शन, पुलिस की निष्क्रियता से आक्रोश
लाठी-हथियारों से हमले और जातिसूचक गालियों के आरोप, पीड़ित ने उठाई आवाज
पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश, किन्नर को दिया कार्रवाई का आश्वासन
कांधला कस्बे में किन्नर समुदाय का आक्रोश: थाने के सामने नंगा प्रदर्शन, सड़क जाम
शामली: कांधला कस्बे में किन्नर समुदाय के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन की कथित लापरवाही के खिलाफ शुक्रवार देर शाम थाने के सामने नाटकीय प्रदर्शन किया। ज्योति नामक किन्नर और उसके साथियों ने थाना परिसर के सामने कपड़े उतारकर सड़क जाम कर दी, जिससे वाहनों का लंबा जाम लग गया और सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। यह प्रदर्शन पिछले कई महीनों से चले आ रहे उत्पीड़न और पुलिस की शिकायतों पर नाकाम कार्रवाई के विरोध में किया गया।
क्या है मामला?
ज्योति किन्नर, जो बधाई लेने का काम करती है, ने आरोप लगाया कि उनके पड़ोसी अजहर पुत्र इरशाद और उसके भाई अशद लगातार उन्हें परेशान करते हैं। दोनों भाइयों पर उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाने, गाली-गलौज और शारीरिक हमले के मामले सामने आए हैं। दो दिन पहले, अजहर और अशद ने ज्योति के साथी गुल्लू को सड़क पर घेरकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से घायल कर दिया। इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। गुल्लू फिलहाल पानीपत के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
दोबारा फिर हमले और जातिसूचक गालियों का आरोप
ज्योति का कहना है कि शुक्रवार को वह अपने साथियों के साथ गंगेरू जा रही थीं। रास्ते में इस्लामपुर घसौली निवासी अजहर ने तीन साथियों के साथ उन्हें रोककर गाली-गलौज की और जानलेवा हमला किया। जब गाड़ी चालक अंशुल ने विरोध किया, तो आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए धमकी दी। पीड़िता ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया, जिसके बाद उन्होंने यह आक्रोशजनक प्रदर्शन किया।
पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया
थाना प्रभारी निरीक्षक क्षितिज कुमार सिंह ने बताया कि ज्योति की तहरीर (लिखित शिकायत) पर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने पीड़ित को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया, साथ ही कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
समाज में सवाल
यह घटना एक बार फिर पुलिस की प्रतिक्रिया और हाशिए के समुदायों के साथ होने वाले भेदभाव पर सवाल खड़े करती है। किन्नर समुदाय के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो उनका आंदोलन और तेज होगा।