मुरादाबाद में बीजेपी कार्यक्रम में कुर्सी विवाद: नेताओं की मारपीट से हंगामा, सुशासन के दावे पर सवाल!
कुर्सी को लेकर बीजेपी नेताओं में भिड़ंत: मंच पर बाल नोचे, थप्पड़ और बोतलबाजी!
बीजेपी की 8 साल पूरे होने के जश्न में कलंक: नेताओं की हिंसक झड़प ने बिगाड़ी पार्टी की तस्वीर!
मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश)। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की यूपी सरकार के 8 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मुरादाबाद के कांठ इलाके में आयोजित कार्यक्रम शनिवार को शर्मसार कर देने वाली घटना का गवाह बना। मंच पर बीजेपी के दो नेताओं के बीच कुर्सी को लेकर हुई मारपीट ने कार्यक्रम को हंगामे में बदल दिया। इस घटना ने पार्टी के ‘सुशासन’ और अनुशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और बीजेपी के पूर्व विधायक राजेश सिंह जब मंच पर पहुंचे तो उन्होंने अपनी कुर्सी पर ब्लॉक प्रमुख राजपाल सिंह को बैठे देखा। इस पर दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस छिड़ गई। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ने एक-दूसरे के बाल नोचे, थप्पड़ मारे और पानी की बोतलें तक फेंकीं। मौके पर मौजूद कार्यकर्ता और नेता इस हिंसक झड़प को देखकर स्तब्ध रह गए। कुछ लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन नेताओं का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा था।
स्थानीय प्रतिक्रिया और सियासी असर
यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन गई है। कई लोगों ने इसे बीजेपी के आंतरिक अनुशासनहीनता का प्रतीक बताया। विपक्षी दलों ने भी इस मौके को भुनाते हुए सरकार पर ‘सुशासन के झूठे दावों’ का आरोप लगाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है, खासकर उस समय जब यूपी में पंचायत चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं।
इस अनुशासनहीनता पर पार्टी की चुप्पी
घटना के बाद से बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, स्थानीय नेता निजी तौर पर इस घटना को ‘गलतफहमी’ बता रहे हैं। अधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतज़ार अभी भी जारी है।
यह घटना न सिर्फ बीजेपी के आंतरिक तनाव को उजागर करती है, बल्कि सार्वजनिक मंचों पर नेताओं के आचरण पर भी सवालिया निशान लगाती है। जनता के बीच पार्टी की छवि सुधारने के लिए इस तरह की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई और पारदर्शिता की मांग उठने लगी है।