
कांधला ने जीता शिवभक्तों का दिल, सेवा शिविर में दिखा इंसानियत का सबसे खूबसूरत चेहरा
* बुढ़ाना मार्ग पर एडवोकेट नावेद जंग और तहसीलदार अर्जुन चौहान ने अपने हाथों से कराया जलपान, सेवा देखकर गदगद हुए श्रद्धालु
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। सावन की पावन बेला में कस्बे के बुढ़ाना मार्ग पर लगा कांवड़ सेवा शिविर रविवार को कौमी एकता, इंसानियत और गंगा-जमुनी तहज़ीब की जीवंत तस्वीर बन गया। “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोषों के बीच हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्त कांवड़ियों का फूल बरसाकर स्वागत किया गया। इसके बाद एडवोकेट नावेद जंग और तहसीलदार अर्जुन चौहान ने अपने हाथों से श्रद्धालुओं को शीतल जल, शिकंजी, ताजे फल और अल्पाहार वितरित कर सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया।
भीषण गर्मी और लंबी पदयात्रा से थके कांवड़ियों के लिए यह सेवा शिविर किसी राहत स्थल से कम नहीं था। सुबह से देर रात तक लगातार सेवा का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं ने जलपान करने के बाद आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कांधला की मेहमाननवाज़ी और अपनापन उनकी यात्रा की सबसे यादगार सौगात बन गया।
एडवोकेट नावेद जंग ने कहा कि “मजहब अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत सबको जोड़ती है। श्रद्धालुओं की सेवा करना हमारे संस्कार और भारतीय संस्कृति की पहचान है।” वहीं तहसीलदार अर्जुन चौहान ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, विश्वास और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं और यही भारत की असली ताकत है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, समाजसेवी, पुलिस प्रशासन के अधिकारी और स्वयंसेवक मौजूद रहे। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि जब सेवा का जज़्बा दिल में हो, तब न कोई दीवार रहती है और न कोई दूरी।
बुढ़ाना मार्ग का यह सेवा शिविर केवल कांवड़ियों के जलपान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने पूरे क्षेत्र को यह संदेश दिया कि मोहब्बत, सम्मान और सेवा ही भारत की सबसे बड़ी पहचान है।