उत्तम संयम की आराधना से गूंजा नेमिनाथ मंदिर, भजनों पर झूमे श्रद्धालु

 

* दश लक्षण पर्व के छठे दिन अभिषेक, शांतिधारा व विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन

 

सादिक सिद्दीक़ी

कांधला, नगर के मोहल्ला सरावज्ञान स्थित श्री 1008 भगवान नेमिनाथ सकल दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दश लक्षणी पर्व के छठे दिन श्रद्धालुओं ने उत्तम संयम धर्म की श्रद्धापूर्वक आराधना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। श्रद्धालुओं ने भगवान नेमिनाथ का अभिषेक, शांतिधारा एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

धार्मिक कार्यक्रम प्रतिष्ठाचार्य विद्वान अवनीश जैन शास्त्री, सांगानेर के निर्देशन में संपन्न हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं को उत्तम संयम धर्म के महत्व और स्वरूप की जानकारी दी गई। बताया गया कि अपनी इच्छाओं, मन, वचन और शरीर को धर्म के मार्ग पर लगाना तथा इंद्रियों पर नियंत्रण रखना ही उत्तम संयम का स्वरूप है। संयम में प्राणी संयम और इंद्रिय संयम को प्रमुख माना गया है।

दश लक्षण पर्व के छठे दिन धूप दशमी एवं सुगंध दशमी भी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना कर धूप अर्पित की और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। धार्मिक वातावरण में संयम, सदाचार और आत्मशुद्धि का संदेश दिया गया।

शाम के समय जैन अतिथि भवन में वासुदेव एंड पार्टी ने भगवान नेमिनाथ के सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। वहीं जैन समाज के छोटे-छोटे बच्चों ने भगवान नेमिनाथ के जीवन पर आधारित आध्यात्मिक नाटिका ‘मोक्ष के प्रेमी’ प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। नाटिका की संचालिका प्रीति एवं कोमल जैन रहीं। श्रद्धालु देर तक धार्मिक कार्यक्रमों का आनंद लेते रहे।

कार्यक्रम में नत्थूमल जैन, कुलदीप जैन, दीपक जैन, नरेंद्र जैन, चूकड़ात, प्रवक्ता गुणपाल जैन, प्रवीण जैन, संजीव जैन, प्रशांत जैन, ऋषभ जैन, आकाश जैन, संयम जैन, लक्ष्य जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु मौजूद रहे

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