
चार्ज मिला या नहीं? जाली लेटरहेड-मोहर के आरोप ने बढ़ाया विद्यालय विवाद
* विद्यालय प्रबंधन ने पूर्व निलंबित सहायक अध्यापक से मांगा स्पष्टीकरण, कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में अंकुर के हस्ताक्षर को बताया वैधानिक
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला, महर्षि कश्यप इंटर कॉलेज नाला में विद्यालय के कथित जाली लेटरहेड और कार्यवाहक प्रधानाचार्य की कथित जाली मोहर के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विद्यालय प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व निलंबित सहायक अध्यापक सुभाषचंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूरे प्रकरण में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। प्रबंधन का कहना है कि उपलब्ध अभिलेखों और शिक्षक के जवाब के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।विद्यालय के प्रबंधक राजपाल सिंह के अनुसार, पूर्व से निलंबित सहायक अध्यापक सुभाषचंद्र पर स्वयं को कार्यवाहक प्रधानाचार्य दर्शाते हुए कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और विद्यालय के नाम से नोटिस जारी करने का आरोप है। प्रबंध समिति ने इस संबंध में शिक्षक को नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।प्रबंधक ने बताया कि विद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य नियमानुसार संचालित किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में अंकुर के हस्ताक्षर प्रमाणित एवं वैधानिक हैं। प्रबंधन के मुताबिक, 22 सितंबर 2026 तक सुभाषचंद्र ने विद्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का भी आरोप
प्रबंधक का आरोप है कि कार्यभार ग्रहण किए बिना ही सहायक अध्यापक द्वारा विद्यालय के लेटरहेड और कार्यवाहक प्रधानाचार्य की कथित जाली मोहर तैयार कराकर उसका इस्तेमाल किया गया। आरोप यह भी है कि इसी दस्तावेज के माध्यम से 9 सितंबर को कथित रूप से फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा विद्यालय के कुछ कर्मचारियों को स्वयं को कार्यवाहक प्रधानाचार्य बताते हुए कथित तौर पर नोटिस जारी किए जाने की बात भी प्रबंधन ने कही है।मामले के सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षक को नोटिस जारी कर आरोपों पर बिंदुवार जवाब मांगा है। प्रबंधन का कहना है कि शिक्षक का लिखित स्पष्टीकरण मिलने के बाद विद्यालय के अभिलेखों और अन्य तथ्यों की जांच की जाएगी तथा उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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*शिक्षक ने आरोपों को बताया निराधार*
वहीं, सहायक अध्यापक सुभाषचंद्र ने विद्यालय प्रबंधन के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से उन्हें विद्यालय का चार्ज लेने संबंधी आदेश प्राप्त हुए थे, लेकिन प्रबंध समिति की ओर से उन्हें सहयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा कोई फर्जी दस्तावेज या जाली मोहर का इस्तेमाल नहीं किया गया है और प्रबंध समिति द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं।