
छठे श्री बालाजी कांवड़ सेवा शिविर का भव्य शुभारंभ
* भोले के जयघोष से गूंजा कांधला: छठे श्री बालाजी कांवड़ सेवा शिविर का भव्य शुभारंभ, सेवा और श्रद्धा का बना संगम
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सादिक सिद्दीक़ी

कांधला। सावन माह में शिवभक्ति अपने चरम पर है और इसी कड़ी में कस्बे के बुढ़ाना रोड स्थित श्री बालाजी कांवड़ सेवा शिविर का छठा आयोजन शनिवार को पूरे धार्मिक उत्साह, वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भव्य रूप से शुरू हुआ। शिविर के शुभारंभ के साथ ही पूरा परिसर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा।उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य प्रमोद अट्टा एवं!कांधला ब्लॉक प्रमुख डॉ. विनोद मलिक एंव मीडिया सेंटर कांधला अध्यक्ष विनय बालियान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया और शिवभक्तों की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए आयोजकों की सराहना की।
मुख्य अतिथियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में सेवा, समर्पण, त्याग और भाईचारे की जीवंत मिसाल है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों शिवभक्त कठिन यात्रा करते हैं और उनकी सेवा करना स्वयं भगवान भोलेनाथ की आराधना के समान है। उन्होंने कहा कि श्री बालाजी कांवड़ सेवा शिविर लगातार छठे वर्ष जिस समर्पण के साथ सेवा कार्य कर रहा है, वह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
आयोजकों ने बताया कि शिविर में कांवड़ियों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, चाय, शीतल पेय, विश्राम, प्राथमिक उपचार तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। सेवा कार्य में लगे स्वयंसेवक दिन-रात पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ शिवभक्तों की सेवा में जुटे रहेंगे, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
शुभारंभ समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। भाजपा नेता तरुण अग्रवाल, सभासद पिंटू गोयल, मीडिया सेंटर कांधला के अध्यक्ष विनय बालियान, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सौरभ चौधरी, वरुण पवार, पूर्व पालिका अध्यक्ष हाजी इस्लाम, अखिलेश बंसल, संजीव आडवाणी, मोहित शर्मा, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं सेवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मीडिया सेंटर कांधला के अध्यक्ष विनय बालियान ने कहा कि कांवड़ यात्रा हमारी संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे सेवा शिविर समाज में सहयोग, भाईचारे और मानवता का संदेश देते हैं। उन्होंने सेवा कार्य में जुटे सभी स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही सच्ची पूजा है।
कार्यक्रम के अंत में सभी सेवा कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि कांवड़ यात्रा के समापन तक शिवभक्तों की सेवा पूरी श्रद्धा, अनुशासन और समर्पण के साथ निरंतर जारी रखी जाएगी। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से भी अधिक से अधिक संख्या में सेवा कार्य से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि “भोलेनाथ के भक्तों की सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य और सबसे बड़ा सौभाग्य है।”