देश की खुशहाली के लिए कठिन तपस्या, 41 दिन तक खड़े रहकर कर रहे शिव आराधना

 

* कांधला का प्राचीन शिवधाम बना आस्था का केंद्र, दूर-दराज़ से उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, तपस्या पूर्ण होने पर होगा विशाल भंडारा

 

सादिक सिद्दीक़ी

कांधला श्रावण मास के पावन अवसर पर कांधला के ऐतिहासिक मनकामेश्वर महादेव मंदिर में एक अनूठी आध्यात्मिक साधना चर्चा का विषय बनी हुई है। कस्बे के मोहल्ला रायजादगान निवासी महाराज सूरज पारासर देश की सुख-शांति, समृद्धि, सामाजिक सौहार्द और विश्व कल्याण की कामना को लेकर 41 दिनों की खड़ी तपस्या कर रहे हैं। उनकी कठिन साधना को देखने और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।

पूर्वी यमुना नहर के निकट स्थित प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर इन दिनों श्रद्धा और भक्ति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सुबह से लेकर देर शाम तक मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष, पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और भक्तिमय वातावरण से गूंजता रहता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि महाराज की कठोर तपस्या समाज और राष्ट्र के लिए मंगलकारी सिद्ध होगी।

मंदिर के पुजारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि महाराज सूरज पारासर पूरी श्रद्धा और वैदिक विधि-विधान के साथ भगवान शिव की आराधना में लीन हैं। उन्होंने बताया कि यह तपस्या लगातार 41 दिनों तक चलेगी और शनिवार को इसका 13वां दिन पूर्ण हो चुका है। इस दौरान महाराज देशवासियों की खुशहाली, सुख-समृद्धि, अमन-चैन और विश्व कल्याण की कामना कर रहे हैं।

महाराज की इस अनोखी साधना की चर्चा आसपास के गांवों और जनपदों तक पहुंच चुकी है। प्रतिदिन दूर-दराज़ से श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ-साथ महाराज से आशीर्वाद प्राप्त कर उनकी तपस्या की सफलता की प्रार्थना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, 41 दिनों की तपस्या पूर्ण होने के उपरांत मनकामेश्वर महादेव मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

श्रावण मास में चल रही यह कठिन तपस्या न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी हुई है, बल्कि लोगों के बीच सद्भाव, शांति और विश्व कल्याण का संदेश भी दे रही है। मनकामेश्वर महादेव मंदिर इन दिनों श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का जीवंत केंद्र बनकर श्रद्धालुओं की आस्था को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।

error: Content is protected !!