
लाखों की स्ट्रीट लाइटें बंद, अंधेरे में गुजरने को मजबूर कांवड़िए
* दो माह से बंद पड़ी लाखों की स्ट्रीट लाइटें, कांवड़ यात्रा से पहले जिम्मेदारों की लापरवाही उजागर
: सादिक सिद्दीक़ी
कांधला (शामली)।श्रावण मास शुरू होते ही दिल्ली–सहारनपुर नेशनल हाईवे-709बी पर कांवड़ यात्रियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। प्रशासन जहां सुरक्षा व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं कांधला दिल्ली बस स्टैंड क्षेत्र में दो माह से बंद पड़ी हाईमास्ट एवं स्ट्रीट लाइटें इन दावों की हकीकत बयां कर रही हैं। रात होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है, जिससे कांवड़ यात्रियों, वाहन चालकों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
*रात होते ही अंधेरे में डूब जाता है हाईवे*
दिल्ली बस स्टैंड, चौधरी चरण सिंह प्रतिमा स्थल, कांधला तिराहा तथा हाईवे के डिवाइडर पर लगी एलईडी स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। सूर्यास्त के बाद हाईवे पर घना अंधेरा छा जाता है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच आवारा पशु, खराब वाहन और अन्य अवरोध समय पर दिखाई नहीं देते, जिससे हादसे की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वाहन चालक अब तक बाल-बाल बच चुके हैं।
*लाखों की योजना बनी शोपीस*
हाईवे चौड़ीकरण के दौरान एनएचएआई द्वारा लाखों रुपये खर्च कर हाईमास्ट और आधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं, ताकि रात में भी सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके। लेकिन रखरखाव के अभाव में यह पूरी व्यवस्था बेकार साबित हो रही है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा के लिए लगाई गई लाइटें अब केवल शोपीस बनकर रह गई हैं।
*शिकायतों के बाद भी नहीं जागा विभाग*
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि विभाग केवल कागजी व्यवस्थाओं तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं।
*हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?*
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन सुरक्षा के दावे तो करता है, लेकिन दो माह से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें उन दावों की पोल खोल रही हैं। लोगों ने मांग की है कि कांवड़ यात्रा के चरम पर पहुंचने से पहले सभी हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटों को तत्काल चालू कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं, वाहन चालकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई और कोई बड़ा हादसा हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी।
*किसान दिवस में भी गूंजा था स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा*
गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन ने पूर्व में आयोजित किसान दिवस के दौरान भी एनएच-709बी पर महीनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। किसानों ने अधिकारियों से हाईवे पर तत्काल प्रकाश व्यवस्था बहाल कराने की मांग की थी, ताकि राहगीरों, वाहन चालकों और कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके बावजूद आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है। सावन और कांवड़ यात्रा शुरू होने के बाद भी लाइटें बंद रहना संबंधित विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।