
डिजिटल ठगी से बचाव से लेकर बीमा-पेंशन तक,ग्रामीणों को दी वित्तीय जानकारी
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। क्षेत्र के गांव गंगेरू में वित्तीय साक्षरता, डिजिटल समावेशन और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बुनकरों और कतिन समुदाय को वित्तीय रूप से जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें डिजिटल बैंकिंग और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन ग्रांट थॉर्नटन भारत, उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड और ममता खादी संस्था के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में ग्रांट थॉर्नटन भारत एवं यूपी खादी बोर्ड के प्रतिनिधि सौविक दत्ता तथा ममता खादी संस्था के सेक्रेटरी हरिमोहन प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान बुनकर एवं कतिन समुदाय के लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञों ने बचत खाता, चालू खाता, ऋण लेने की प्रक्रिया, आमदनी और खर्च का हिसाब रखने, बजट तैयार करने तथा भविष्य के लिए वित्तीय नियोजन करने के फायदे समझाए। ग्रामीणों को बताया गया कि छोटी-छोटी बचत को नियमित आदत बनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।
डिजिटल दौर में ऑनलाइन लेनदेन की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए ग्रामीणों को UPI और डिजिटल भुगतान के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों ने साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की। लोगों को समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI पिन, एटीएम पिन, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक या फोन कॉल से सावधान रहें।
कार्यक्रम में केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और आयुष्मान भारत योजना के उद्देश्य, पात्रता और लाभों के बारे में बताया गया। पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने तथा सरकारी सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
आयोजकों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय और डिजिटल जागरूकता बढ़ाना समय की जरूरत है। जानकारी के अभाव में कई पात्र लोग सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, बीमा, पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने वित्तीय साक्षरता और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम गांवों में लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग बैंकिंग और सरकारी योजनाओं का सुरक्षित एवं सही तरीके से लाभ उठा सकें।