
मासूम पर टूटा बंदरों का कहर, गांव में बढ़ते आतंक से ग्रामीण परेशान
* पिता ने जान जोखिम में डालकर बचाई बेटी की जान, अस्पताल में हुआ उपचार; ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़वाने की लगाई गुहार
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला क्षेत्र के गांव गंगेरू गुजरान पट्टी में बंदरों का बढ़ता आतंक अब लोगों की जान पर बनता जा रहा है। गुरुवार को यूकेजी की मासूम छात्रा माही (पुत्री राहुल) पर बंदरों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। बंदरों ने बच्ची को घेरकर काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। मासूम की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही छात्रा के पिता राहुल मौके पर पहुंचे और साहस का परिचय देते हुए बंदरों के झुंड को खदेड़कर अपनी बेटी की जान बचाई। इसके बाद परिजन बिना समय गंवाए घायल बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांधला लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया।
चिकित्सा प्रभारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि बंदरों के हमले में घायल छात्रा को एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया है। उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। आए दिन बंदरों के झुंड बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं। कई लोग घायल हो चुके हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बच्चों को स्कूल भेजने और लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल होता जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि गांव में विशेष अभियान चलाकर बंदरों को पकड़वाया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।