
कटते पेड़, बढ़ता मुनाफा! कौन रोक पाएगा हरियाली का विनाश?
कांधला क्षेत्र के गंगेरू-कुर्तान एवं ईसापुरटील मार्ग पर कथित रूप से अवैध आरा मशीनों का संचालन खुलेआम किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन और वन विभाग की अनदेखी अथवा संरक्षण के चलते यह कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में हरे-भरे फलदार आम और शीशम के पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है और प्रदेश को हरित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांधला क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई सरकारी अभियानों की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि गंगेरू, कुर्तान और ईसापुर टील मार्ग के आसपास संचालित आरा मशीनों पर बिना किसी रोक-टोक के लकड़ियों की चिराई की जा रही है। बड़ी मात्रा में आम, शीशम एवं अन्य पेड़ों के तने खुलेआम लाकर काटे जा रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते इन अवैध आरा मशीनों पर कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र में हरित संपदा को भारी नुकसान होगा। उन्होंने जिलाधिकारी एवं वन विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों की मांग है कि अवैध आरा मशीनों को तत्काल सील किया जाए।हरे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई जाए।जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच हो।पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।