
आग बरसाता’ सूरज, नहर बनी लोगों की राहत अप्रैल में ही जून जैसी तपिश, दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। अप्रैल का महीना खत्म होने से पहले ही कांधला में गर्मी ने अपने तेवर ऐसे दिखाए हैं मानो मई-जून की तपिश अभी से उतर आई हो। सूरज की तेज किरणें सुबह से ही आग बरसाने लगती हैं और दोपहर होते-होते हालात इतने खराब हो जाते हैं कि सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। बाजारों में चहल-पहल कम हो गई है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। खासकर दोपहर के समय हालात सबसे ज्यादा खराब रहते हैं। दुकानदार भी सुस्ती में नजर आते हैं और ग्राहक न के बराबर दिखते हैं। गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रहे हैं।गर्मी से राहत पाने के लिए कस्बे के लोगों ने अपने-अपने तरीके खोज लिए हैं। सबसे ज्यादा भीड़ इन दिनों कस्बे की पूर्वी यमुना नहर पर देखने को मिल रही है, जहां युवक घंटों पानी में डुबकी लगाकर गर्मी से राहत पा रहे हैं। नहर किनारे युवाओं की मस्ती किसी पिकनिक स्पॉट जैसी नजर आ रही है। हालांकि, प्रशासन की ओर से बार-बार चेतावनी दी जा रही है कि नहर में नहाते समय सावधानी बरतें, क्योंकि जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
वहीं, गर्मी का सीधा फायदा ठंडे पेय पदार्थों के कारोबारियों को मिल रहा है। खासतौर पर गन्ने के जूस की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। सुबह से शाम तक जूस के ठेलों पर लाइन लगी रहती है। जूस विक्रेताओं का कहना है कि इस बार गर्मी ने उनकी बिक्री को कई गुना बढ़ा दिया है और दिनभर हाथ तक खाली नहीं मिलते।स्थानीय निवासी भी इस बार की गर्मी को लेकर काफी चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि भले ही गर्मी थोड़ी देर से शुरू हुई हो, लेकिन इसकी तीव्रता सामान्य से कहीं ज्यादा है। बुजुर्ग और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों ने आशंका जताई है कि अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ सकती हैं।बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी गर्मी का असर साफ नजर आ रहा है। लोग खुद को बचाने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं कोई सिर पर गमछा बांध रहा है, तो कोई छाता लेकर निकल रहा है। पानी की बोतल अब हर व्यक्ति के हाथ में नजर आती है और हल्के कपड़ों की मांग भी बढ़ गई है।
फिलहाल, कांधला में हालात ऐसे हैं कि हर कोई गर्मी से परेशान है और आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठा है। लोगों की जुबां पर बस एक ही बात है अगर जल्द राहत नहीं मिली, तो यह गर्मी आने वाले दिनों में और भी ‘खतरनाक’ रूप ले सकती है।