तेज हवाओं के साथ बारिश-ओले, किसानों की बढ़ी चिंता

 

सादिक सिद्दीक़ी

कांधला कस्बे और आसपास के क्षेत्र में रविवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने कुछ ही देर में ओलावृष्टि का रूप ले लिया। मौसम के इस अचानक बदलाव से जहां एक ओर ठंड का असर बढ़ गया, वहीं दूसरी ओर किसानों की चिंता भी गहरा गई है।

रात में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं के चलते लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। अचानक बदले मौसम के कारण देर रात तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में ही घरों में दुबके रहे।‌ ओलावृष्टि का असर कस्बे के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। कई स्थानों पर खेतों में हल्की ओलों की परत भी दिखाई दी। इस समय क्षेत्र के अधिकांश किसानों के खेतों में गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलें पककर कटाई के लिए तैयार खड़ी हैं। ऐसे में बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है।किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी रहा तो खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर सकती है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। तेज हवा और ओलों के कारण फसल के दाने झड़ने की भी आशंका बनी रहती है। वहीं सरसों की फसल पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे दानों की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित हो सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के कई किसानों ने बताया कि उन्होंने फसल की कटाई की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन अचानक बदले मौसम ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। किसानों को डर है कि यदि आने वाले दिनों में फिर से ओलावृष्टि या तेज बारिश हुई तो उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम में आए इस बदलाव के कारण लोगों को फिर से ठंड का एहसास होने लगा है। सुबह और शाम के समय ठंडी हवाओं का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में सुबह और शाम के समय ठंड में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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