
मिट्टी माफिया के आतंक की भेंट चढ़ा रिहान परिवार में मजाक कोहराम

* मिट्टी माफिया के पहियों तले कुचली एक और जिंदगी, नानूपुरी हाईवे पर दर्दनाक हादसे के बाद उठे कई सवाल
सादिक सिद्दीकी,

कांधला। नगर एवं क्षेत्र में कथित रूप से पुलिस की सांठगांठ से चल रहे मिट्टी से भरे वाहनों के कारण लोगों का जीना मुहाल होता जा रहा है। मिट्टी खनन माफिया जहां पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं उनकी बेलगाम गतिविधियां आम लोगों की जान पर भी भारी पड़ रही हैं। शनिवार को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गांव नानूपुरी के समीप हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर मिट्टी खनन के काले कारोबार और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे में जनपद मुजफ्फरनगर के कस्बा बघरा निवासी 22 वर्षीय रिहान पुत्र इस्लाम की मौत हो गई। रिहान कांधला के दिल्ली रोड स्थित एक होटल में रोटी बनाने का काम करता था और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का सहारा बना हुआ था। शनिवार को वह अपनी बाइक से शामली स्थित कमरे पर लौट रहा था। जैसे ही वह गांव नानूपुरी के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रही मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने अचानक कट मार दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सीधे ट्रॉली के नीचे जा घुसी और रिहान गंभीर रूप से घायल हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय ट्रैक्टर एक नाबालिग चला रहा था, जो दुर्घटना के बाद वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
घायल को अस्पताल के बाहर छोड़कर भागा मालिक!
घटना के बाद सामने आई जानकारी ने लोगों को और भी हैरान कर दिया। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर मालिक घायल रिहान को लेकर कस्बे के एक निजी अस्पताल पहुंचा, लेकिन वहां उसे अस्पताल के बाहर छोड़कर फरार हो गया। बाद में सरकारी एंबुलेंस की सहायता से घायल को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के चलते उसने दम तोड़ दिया।
अस्पताल में युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन वहां पहुंच गए। बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पुलिस ने ट्रैक्टर कब्जे में लिया, चालक और मालिक की तलाश जारी
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया गया है। फरार चालक और वाहन मालिक की तलाश की जा रही है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद भी हाईवे पर दौड़ते रहे मिट्टी से भरे वाहन
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस हाईवे पर एक युवक की जान चली गई, उसी हाईवे पर हादसे के बाद भी मिट्टी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन बेखौफ दौड़ते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही क्षेत्र की सड़कों पर मिट्टी से भरे वाहनों की लंबी कतारें दिखाई देने लगती हैं, जिससे हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि मिट्टी खनन और परिवहन का यह खेल लंबे समय से चल रहा है और संबंधित विभागों की अनदेखी के कारण माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
*एक मौत, कई सवाल छोड़ गई*
रिहान की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक गरीब परिवार का कमाने वाला बेटा हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गया। पीछे रह गए बूढ़े मां-बाप के आंसू, परिवार का दर्द और वे सवाल जिनका जवाब अब जनता मांग रही है।
क्या रिहान की मौत के बाद जिम्मेदार विभाग जागेंगे?
क्या हाईवे पर दौड़ रहे बेलगाम मिट्टी से भरे वाहनों पर लगाम लगेगी?
या फिर किसी और परिवार को इसी तरह अपने बेटे को खोना पड़ेगा?
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।