10 हजार की रिश्वत लेते लाइनमैन गिरफ्तार, कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका भी सामने

 

मीटर लगाने के नाम पर 10 हजार की रिश्वत लेते लाइनमैन रंगे हाथ गिरफ्तार, पूछताछ में कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका भी सामने

 

कांधला। क्षेत्र के गांव डुढ़ार में बिजली विभाग में फैले भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। एंटी करप्शन टीम ने बिजली घर पर तैनात एक लाइनमैन को नए मीटर लगाने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम की इस कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। वहीं पूछताछ में कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका भी सामने आने के बाद अब उसके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।

कल गिरफ्तार किया गया था कर्मचारी का फाइल फोटो

जानकारी के अनुसार गांव डुढ़ार निवासी शिवम पुत्र ओमपाल सिंह के घर उसकी भाभी सरिता के नाम से बिजली कनेक्शन है, जिस पर करीब 53 हजार 427 रुपये का बकाया चल रहा था। पीड़ित ने उत्तर प्रदेश सरकार की समाधान बिल राहत योजना के तहत पहले चरण में अपना पंजीकरण कराया था। इसके बाद वह शेष धनराशि जमा करने के लिए कांधला बिजली घर पहुंचा, जहां तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर संजय ने उसका बिल जमा करने से साफ इनकार कर दिया।

पीड़ित का आरोप है कि ऑपरेटर ने उसे बताया कि निर्धारित समय में बिल जमा न करने के कारण अब उसे पूरा बकाया जमा करना पड़ेगा। इस पर परेशान होकर शिवम शामली स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचा और वहां अपना पूरा बिल जमा कर दिया। बिल की रसीद लेकर जब वह दोबारा कांधला बिजली घर पहुंचा और मीटर लगाने का अनुरोध किया तो आरोप है कि कंप्यूटर ऑपरेटर संजय ने नया मीटर लगाने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर दी।

पैसे देने से मना करने पर शिवम घर लौट आया। इसी बीच डुढ़ार बिजली घर पर तैनात लाइनमैन रामवीर का फोन आया और उसने भी मीटर लगाने और समस्या का समाधान कराने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की। इसके बाद पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी।

शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया। सोमवार को टीम डुढ़ार बिजली घर पहुंची और जैसे ही लाइनमैन रामवीर ने पीड़ित से 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। टीम आरोपी लाइनमैन को अपने साथ ले गई और उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में कंप्यूटर ऑपरेटर संजय की भूमिका भी सामने आई है, जिसके बाद अब उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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