
दो दिवसीय सालाना जलसा सम्पन्न इस्लाम में माता-पिता की सेवा और नशे से दूर रहने पर दिया गया जोर
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला, कस्बे के मोहल्ला खेल मे जामिया अरबिया कासिमुल उलूम और जामिया आइशा लिलबनात केमे चल रहे दो दिवसीय सालाना जलसे मे माता-पिता के साथ अच्छा बर्ताव करना और उनका सम्मान करना इंसान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यह बात मौलाना सैयद अज़हर मदनी ने कांधला के कदीम धार्मिक संस्थान जामिया अरबिया कासिमुल उलूम और जामिया आइशा लिलबनात के दो दिवसीय सालाना जलसे में कही।

मौलाना सैयद अज़हर मदनी ने कहा कि इस्लाम में माता-पिता के साथ अच्छा बर्ताव करना, उनकी बात मानना और उनकी सेवा करना एक धार्मिक फ़र्ज़ है। कुरान और हदीस में अल्लाह तआला ने हुक्म दिया है कि “तुम सिर्फ उसी की इबादत करो और अपने माता-पिता के साथ अच्छा सुलूक करो।” पैगंबर ﷺ ने फरमाया, “जो कोई बुढ़ापे में अपने माता-पिता की सेवा करेगा, वह जन्नत में जाएगा।”
उन्होंने कहा कि इस्लाम में हर नशा चाहे वह शराब हो या कोई ड्रग्स हराम है। कुरान कहता है कि “शराब और जुआ शैतान का काम हैं, इसलिए इनसे बचो ताकि तुम कामयाब हो सको।” मौलाना ने बताया कि नशीले पदार्थ जैसे हशीश, चरस, गांजा, कोकीन, हेरोइन आदि सब हराम हैं क्योंकि ये इंसान की सेहत, इबादत और समाज दोनों को नुकसान पहुँचाते हैं।
इस मौके पर जामीयत-उल-शेख हुसैन अहमद मदनी के उस्ताज़-ए-हदीस मुफ़्ती खुबेब अलहसनी ने कहा कि इस्लामी शिक्षाएँ इंसान को कामयाबी की राह दिखाती हैं। मुफ़्ती रागिब ने कुरान की महानता और उसके अध्ययन के फ़ज़ाइल बताए।
जलसे के दौरान छात्र-छात्राओं को दस्तार बांधी गई और परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स को इनाम दिए गए। आखिर में जामिया के मोहतमिम मौलाना सैयद बदरूल हुदा कासमी ने सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।
इस मौके पर नाइब मोहतमिम मौलाना सैयद मज़हरूल हुदा कासमी ने सालाना रिपोर्ट पेश की।
कार्यक्रम में हाफिज हारून, मौलाना औरंगजेब, कारी जमील, हाफिज इस्लाम कैराना, मौलाना साकिब फलाही, कारी नईम, मुफ़्ती अनस, हाफिज अब्दुल शकूर, कारी सलीम, मास्टर रिजवान, मास्टर काशिफ, सैयद मुआज हाशमी, सैयद साद हाशमी, तुबा फलक हाशमी, दानिया फलक हाशमी, मोमिना मोहसिना असराना और बाग जहान समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।