कैराना। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) और नगर पालिका क्षेत्र कैराना के बीच अवैध प्लाटिंग मामले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एमडीए के अवर अभियंता (जेई) अवनीश कुमार ने कैराना नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या-06 के सभासद के पति सागर गर्ग और अज्ञात व्यक्तियों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने, झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने तथा पैसों की डिमांड करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कैराना कोतवाली पर मुकदमा दर्ज कराया है।
अवर अभियंता की ओर से दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मामला नायरा पेट्रोल पंप के पास पानीपत रोड स्थित भूखंड में अवैध प्लाटिंग से जुड़ा है। अखलाक प्रधान और सन्नी जैन द्वारा वहां कॉलोनी का निर्माण कराए जाने पर एमडीए ने 4 अप्रैल 2025 को उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं के तहत वाद दायर किया था। नोटिस भेजकर संबंधितों से जवाब मांगा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद 9 मई 2025 को प्राधिकरण ने अवैध प्लाटिंग ध्वस्तीकरण के आदेश पारित किए। आदेशों के अनुपालन में 8 अगस्त को एमडीए की टीम ने स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में कॉलोनी का एक हिस्सा, जिसमें सभासद पति सागर गर्ग द्वारा करवाया गया निर्माण भी शामिल था, बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
इसी कार्रवाई के दौरान और बाद में सागर गर्ग द्वारा एमडीए टीम के साथ अभद्रता किए जाने और धमकी दिए जाने के आरोप लगाए गए। अभियंता अवनीश कुमार का कहना है कि सागर गर्ग ने उन्हें और एमडीए के तत्कालीन सुपरवाइजर सतेंद्र आर्य को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी है, साथ ही उनसे पैसों की मांग भी की गई। जेई का आरोप है कि धमकियों के चलते वह और उनका स्टाफ भयग्रस्त हैं और किसी अनहोनी की आशंका बनी हुई है।
पुलिस अधीक्षक शामली के आदेश पर कैराना कोतवाली पुलिस ने सागर गर्ग और अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है। वहीं, सागर गर्ग ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पहले से ही उन्होंने एमडीए के अधिकारियों पर पैसे मांगने और फर्जी केस में फंसाने की धमकी देने का शिकायती पत्र एसपी शामली और कैराना कोतवाली में दिया था।