
ऐतिहासिक शिव मंदिर में गंभीर दरारें, गिरने का खतरा बढ़ा
सादिक सिद्दीक़ी

कांधला, कस्बे के मोहल्ला कानून गोयान स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर में हाल ही में दीवारों और फर्श में गहरी दरारें उभर आई हैं, जिससे मंदिर के ढहने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। मंदिर की पुजारिन विनीता शर्मा ने स्थानीय मीडिया को बताया कि हाल ही में पालिका प्रशासन द्वारा मंदिर के पास नलकूप की बोरिंग कराई गई थी।स्थानीय लोगों और पुजारिन का मानना है कि बोरिंग के दौरान बनाए गए गड्ढों से रिसता पानी मंदिर की नींव को कमजोर कर रहा है। नतीजतन न सिर्फ मंदिर की दीवारें और फर्श दरारें दिखा रहे हैं, बल्कि आसपास के मकानों में भी असर नजर आने लगा है। मंदिर की स्थिति दिन-प्रतिदिन और गंभीर होती जा रही है। पुजारिन व स्थानीय श्रद्धालु बता रहे हैं कि अगर समय रहते प्रशासन ने कदम नहीं उठाया तो मंदिर पूरी तरह ढह सकता है।मंदिर स्थानीय आस्था का केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसकी ऐतिहासिक विरासत भी नगर की पहचान है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि मामले का तुरंत संज्ञान लिया जाए और विशेषज्ञों द्वारा मंदिर की सुरक्षा और संरचना का विस्तृत अध्ययन कराया जाए।स्थानीय पुजारिन विनीता शर्मा ने कहा, “मंदिर हमारे लिए केवल पूजा स्थल नहीं है, यह हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर है। हमें डर है कि अगर उचित कदम नहीं उठाए गए तो आसपास की संपत्तियों के लिए खतरा बन सकता है। स्थानीय निवासी भी चिंतित हैं और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर की सुरक्षा के लिए तत्काल राहत एवं मरम्मत कार्य शुरू किया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में गंभीर हादसा होने की संभावना है।