हालांकि, पुलिस का यह दावा कई सवाल खड़े कर रहा है। अगर ड्रोन सरकारी सर्वे के लिए उड़ाए जा रहे हैं, तो फिर….
कैराना। पुलिस प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में रात के समय ड्रोन उड़ाने को लेकर चर्चा के लिए एक बैठक आयोजित की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि ये ड्रोन सरकार द्वारा जमीन सर्वेक्षण के लिए उड़ाए जा रहे हैं और लोगों से अफवाहें न फैलाने की अपील की। साथ ही, गलत जानकारी देकर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
पुलिस ने बताया सरकारी सर्वे का हिस्सा!
क्षेत्राधिकारी श्याम सिंह और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रमुख लोगों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि रात में ड्रोन उड़ने की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन ये सरकार द्वारा चलाए जा रहे जमीन सर्वेक्षण का हिस्सा हैं। उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने और डरने की जरूरत न होने की बात कही।
सवालों के घेरे में पुलिस का दावा!
- हालांकि, पुलिस का यह दावा कई सवाल खड़े कर रहा है। अगर ड्रोन सरकारी सर्वे के लिए उड़ाए जा रहे हैं, तो फिर:
- जनता को सूचना क्यों नहीं दी गई? – इस तरह के सर्वे के लिए आधिकारिक नोटिस जारी किया जाना चाहिए था।
- रात में ही सर्वे क्यों? – आमतौर पर जमीन सर्वे दिन में होते हैं, रात में ड्रोन उड़ाने की क्या वजह है?
- पुलिस के पास स्पष्ट जवाब क्यों नहीं? – अधिकारी इन सवालों का सीधा जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
स्थानीय नेताओं ने भी लिया हिस्सा!
बैठक में असलम प्रधान, नासिर प्रधान, मेहरबान एडवोकेट, अखलाक प्रधान, मेहरबान अंसारी और सभासद शादाब अली समेत कई लोग मौजूद रहे। पुलिस ने उनसे सहयोग की अपील करते हुए कहा कि अफवाहों से बचें और किसी भी गलत जानकारी को फैलाने से रोकें।
पुलिस का कहना है कि ड्रोन सरकारी काम के लिए हैं, लेकिन उनके तर्कों में स्पष्टता नहीं है। जब तक सरकार या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक लोगों के मन में शंका बनी रहेगी। अब देखना यह है कि क्या पुलिस इस मामले में और स्पष्टता ला पाएगी या फिर यह विवाद और बढ़ेगा।