झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक, जनता की जान खतरे में!
सेक्सोलॉजिस्ट के बाद मार्केट में टूटी हड्डी जोड़ने के नाम पर हो रही ठगी!
कांधला। जनपद शामली के कस्बा कांधला कस्बे में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है। झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। मरीज चाहे उल्टी, दस्त, खांसी, बुखार से पीड़ित हो या फिर अन्य कोई बीमारी से। सभी बीमारियों का इलाज यह झोलाछाप डॉक्टर करने को तैयार हो जाते हैं। मरीज की हालत बिगड़ती है तो उससे आनन फानन में जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। जबकि यह लापरवाही स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की जानकारी में भी है।
झोलाछाप डॉक्टरों का मकड़जाल जनता की जान के लिए गंभीर खतरा बन गया है। ये तथाकथित “सेक्सोलॉजिस्ट” और “हड्डी जोड़ने वाले विशेषज्ञ” बिना चिकित्सा डिग्री के अश्लील विज्ञापनों और झूठे दावों के सहारे लोगों को ठग रहे हैं। कस्बे की दीवारें “लंबाई बढ़ाएं”, “शीघ्रपतन”, “नपुंसकता”, और “हड्डी जोड़ने” जैसे भ्रामक विज्ञापनों से पटी पड़ी हैं, जो न केवल सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि मरीजों की जान से खिलवाड़ भी कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये झोलाछाप डॉक्टर आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर टूटी हड्डियों जैसे संवेदनशील मामलों में गलत उपचार दे रहे हैं, जिससे मरीजों की स्थिति और बिगड़ रही है। गंगेरू मार्ग पर खुले आम चल रहे इन अवैध क्लीनिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने से लोग आक्रोशित हैं। ये टूटी हड्डी जोड़ने के नाम पर पट्टी बांधकर हड्डी जोड़ने का दावा करते हैं और आसपास के गांव की भोली भाली जनता से वैसे वसूलकर उनकी जान से खिलवाड़ करने का काम कर रहे हैं। नगर के एक वरिष्ठ समाजसेवी ने स्वास्थ्य विभाग पर गहरी निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा, “विभाग गहरी नींद में सोया है। जब तक किसी की जान नहीं जाएगी, तब तक कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।” एक स्थानीय निवासी ने बताया, “इन झोलाछापों की वजह से लोग डर के मारे सरकारी अस्पतालों की बजाय इनके पास चले जाते हैं, और बाद में पछताते हैं।” स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का आलम यह है कि कांधला में कोई नियमित निरीक्षण या कार्रवाई नहीं हो रही। पूर्व में भी झोलाछाप डॉक्टरों के गलत इलाज से मौत के मामले सामने आ चुके हैं, फिर भी प्रशासन सबक नहीं ले रहा। स्थानीय लोग स्वास्थ्य विभाग से मांग कर रहे हैं कि इन अवैध क्लीनिकों को तत्काल सील किया जाए, बिना लाइसेंस प्रैक्टिस करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज हो, और अश्लील विज्ञापनों पर रोक लगे। साथ ही, जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इन ठगों से बचाने की जरूरत है। यह स्थिति कांधला की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल रही है। यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो कांधला में झोलाछाप डॉक्टरों का यह आतंक और गंभीर रूप ले सकता है। जनता अब जागरूकता और सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रही है, ताकि उनकी जान-माल की रक्षा हो सके।