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बागपत पुलिस की मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए कैराना में बाइक लूट के आरोपी!

तीतरवाड़ा में बाइक लूट के बाद कैराना पुलिस ने की थी कॉम्बिंग, अब जेल में बंद आरोपियों से होगी पूछताछ

वारंट-बी के तहत कैराना पुलिस करेगी आरोपियों से सवाल, मुठभेड़ में घायल हुए थे मोनू-रविन्द्र

कैराना। 24 जून। गत 30 मई की रात कैराना के नजदीक गांव बुच्चाखेड़ी के पास तीतरवाड़ा के दो ग्रामीणों से बाइक लूटने वाले आरोपियों को दोघट पुलिस ने 17 जून को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मोनू (ग्राम बासोली) और रविन्द्र (ग्राम बूढ़पुर, थाना रमाला) वर्तमान में बागपत जिला कारागार में बंद हैं, जहाँ कैराना पुलिस न्यायालय से वारंट-बी प्राप्त कर उनसे पूछताछ करेगी।

घटना का क्रम:

30 मई, रात करीब 11:45 बजे: तीतरवाड़ा निवासी विकास उर्फ बिट्टू और उनके भतीजे स्वेत चौहान कैराना से गांव लौट रहे थे। बुच्चाखेड़ी के निकट ट्यूबवेल पर दो अज्ञात बदमाशों ने सड़क पर लकड़ी डालकर बाइक गिरा दी। पिस्टल और तमंचे से धमकाते हुए उनकी बाइक लूटकर फरार हो गए।

तत्काल कार्रवाई: कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने कॉम्बिंग अभियान चलाया, लेकिन आरोपियों का सुराग नहीं मिल सका। पीड़ित ने कैराना थाने में मामला दर्ज कराया।

मुठभेड़ और गिरफ्तारी:

17 जून, तड़के दोघट पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई में मोनू व रविन्द्र को घेरा। मुठभेड़ में दोनों के पैरों में गोली लगी और उन्हें अस्पताल भर्ती कराया गया।

आरोपियों से .315 बोर तमंचा, छह कारतूस, ₹2.15 लाख नकद, लूटी गई बाइक, फर्जी पहचान पत्र व बैंक कार्ड जब्त किए गए। दोनों पर पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹25,000 का इनाम भी घोषित था।

जांच की नई कड़ियाँ:

रविन्द्र का पारिवारिक लिंक: उसकी चचेरी बहन की शादी गांव सहपत में हुई थी, जिससे पुलिस उसकी स्थानीय सहयोगियों की जांच कर रही है।

वारंट-बी का महत्व: यह विशेष वारंट आरोपियों को जमानत से बचाते हुए पुलिस को लंबी पूछताछ की अनुमति देता है। कैराना कोतवाली प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि एसआई राकेश गौतम इसकी प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं।

आरोपी 17 मई को खेड़ी चितम गांव में एक अन्य लूट में भी शामिल थे, जहाँ उन्होंने ₹4 लाख नकद और दस्तावेज चुराए थे। पुलिस इन घटनाओं के बीच संबंध जोड़ रही है।

पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी की गई बाइकों की बिक्री से जुड़े नेटवर्क की तलाश कर रही है। इसके लिए मोबाइल फोन डेटा और बैंक लेनदेन का विश्लेषण किया जा रहा है।

 

 

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