कैराना में भूमि विवाद: पाँच भाइयों पर मारपीट और फसल विनाश का मुकदमा!
कैराना, 13 जून: कस्बे के मोहल्ला आलकलां मायापुर रोड निवासी किसान लियाकत अली ने भूमि विवाद को लेकर अपने ही सगे भाइयों समेत पांच लोगों के खिलाफ गाली-गलौच, मारपीट और फसल विनाश का मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने 7 अप्रैल की रात उसकी कृषि भूमि की तारबंदी क्षतिग्रस्त कर दी और गेहूं की फसल बर्बाद कर दी, जिस पर वर्तमान में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में मुकदमा चल रहा है।
लियाकत ने कोतवाली कैराना में दर्ज शिकायत में बताया कि उसकी कृषि भूमि गांव इस्सापुर खुरगान में स्थित है, जिस पर वह परिवार का पालन-पोषण करने के लिए खेती करता है। आरोपियों इमरान, राशिद, सीटू उर्फ वासिल पहलवान, सालिक उर्फ झल्लू और इसरान ने न सिर्फ़ उसकी फसल नष्ट की, बल्कि जब भी वह खेत पर जाता है, तो उसे गालियाँ देकर मारपीट कर भगा देते हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि ये सभी आरोपी “दबंग और गिरोहबंद किस्म के व्यक्ति” हैं, जिनसे उसकी जान को ख़तरा है।
हाईकोर्ट में चल रहा है मुकदमा, फिर भी जारी है अतिक्रमण
लियाकत अली द्वारा निशानदेही और तारबंदी कराने के बावजूद आरोपियों ने जानबूझकर फसल को नुकसान पहुँचाया। शिकायत के अनुसार, विवादित भूमि पर मालिकाना हक़ को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में मुकदमा लंबित होने के बावजूद आरोपी अवैध अतिक्रमण जारी रखे हुए हैं। यह घटना उत्तर प्रदेश में भूमि विवादों के चलते बढ़ती हिंसा की चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाती है, जहाँ पिछले महीने भी शामली के गांव बसेड़ा में मुनसाद नामक किसान ने अपने भाइयों द्वारा अवैध मिट्टी खनन और हमले की शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
कैराना कोतवाली पुलिस ने लियाकत अली की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पीड़ित के खेत का निरीक्षण किया और चोटों के सबूत एकत्र किए। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना की पुष्टि करने वाले गवाहों का बयान दर्ज किया गया है। हालांकि, अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
पीड़ित की मांग: तत्काल सुरक्षा और न्याय
लियाकत अली ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और उसे सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि “मैं छोटा किसान हूँ। यह ज़मीन मेरे परिवार की जीविका का एकमात्र साधन है। अगर पुलिस ने संरक्षण नहीं दिया, तो ये लोग मुझे मार डालेंगे।” पुलिस अधीक्षक शामली रामसेवक गौतम ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जाँच की जाएगी और पीड़ित को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।