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सहारनपुर में लागू होगी ‘आउटडोर विज्ञापन नीति-2025’, 31 मई तक आमंत्रित किए गए सुझाव!

विज्ञापनों की चार श्रेणियाँ, सामाजिक अनुचित संदेशों पर प्रतिबंध और ऊर्जा बचत पर जोर!

निगम ने कहा: सार्वजनिक भूमि पर विज्ञापन आय साझा करेंगे, अनधिकृत विज्ञापनों पर होगी कार्रवाई!

सहारनपुर: नगर निगम सहारनपुर ने शहर में विज्ञापनों को व्यवस्थित करने और दृश्य प्रदूषण रोकने के लिए “आउटडोर विज्ञापन नीति-2025” का ड्राफ्ट जारी किया है। इस नीति को महापौर डॉ. अजय कुमार, नगरायुक्त शिपू गिरि और अपर नगरायुक्त राजेश यादव ने सोमवार को लोकार्पित किया। निगम ने सभी हितधारकों—विज्ञापन एजेंसियों, व्यापारियों, शैक्षणिक-चिकित्सा संस्थानों और आम नागरिकों से 31 मई तक इस ड्राफ्ट पर सुझाव आमंत्रित किए हैं।

इस नीति के तहत वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में विज्ञापन की स्वतंत्रता रहेगी। और आवासीय इलाकों, विरासत स्थलों, धार्मिक परिसरों और यातायात संवेदनशील जगहों पर निगम की अनुमति अनिवार्य होगी।

इस नीति को अलग अलग चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। विज्ञापनों को बिलबोर्ड, सार्वजनिक उपयोगिता विज्ञापन, परिवहन आधारित विज्ञापन और व्यवसायों के स्वयं के विज्ञापन में बाँटा गया है। प्रत्येक के लिए अलग शुल्क और दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।

नग्नता, ड्रग्स, हिंसा या सामाजिक रूप से अनुचित संदेश वाले विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। साथ ही, पैदल यात्रियों और ट्रैफिक दृश्यता में बाधा डालने वाले विज्ञापनों को अनुमति नहीं दी जाएगी।

विज्ञापनों में LED जैसे ऊर्जा-कुशल उपकरणों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि प्रदूषण फैलाने वाले जनरेटरों पर रोक रहेगी।

निगम ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति लगाए गए विज्ञापनों को हटाने के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा।

सरकारी या निजी भूमि पर लगे विज्ञापनों से होने वाली आय का एक हिस्सा नगर निगम को देना अनिवार्य होगा।

हितधारक मोबाइल नंबर 9258193560 पर संपर्क कर सकते हैं या स्मार्ट सिटी कार्यालय में जाकर सुझाव जमा करा सकते हैं। नीति का ड्राफ्ट सहारनपुर स्मार्ट सिटी (https://www.saharanpursmartcity.com/) और नगर निगम (https://saharanpurnagarnigam.com/) की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

महापौर और नगरायुक्त का बयान:

महापौर डॉ. अजय कुमार ने कहा कि यह नीति शहर को सुरुचिपूर्ण और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक कदम है। सभी सुझावों को गंभीरता से विश्लेषित कर नीति में शामिल किया जाएगा। नगरायुक्त शिपू गिरि ने जोर देकर कहा कि इस नीति का उद्देश्य सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और पारदर्शी राजस्व प्रबंधन को सुनिश्चित करना है।

नोट: 31 मई के बाद सुझावों पर चर्चा कर नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके लागू होने के बाद शहर के विज्ञापनों का स्वरूप पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।

 

 

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