
सड़कों पर चली पानी की बौछारें, गर्मी से तड़पते लोगों को राहत
* फिलहाल कांधला में सूरज और गर्मी के बीच जंग छिड़ी हुई है लेकिन सड़कों पर दौड़ती ठंडी फुहारें अब लोगों के लिए उम्मीद बन चुकी हैं।
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। भीषण गर्मी और जानलेवा लू के थपेड़ों ने इन दिनों लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। आसमान से बरसती आग और तपती हवाओं के बीच लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। ऐसे हालात में नगर पालिका प्रशासन ने गर्मी के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलते हुए पूरे कस्बे में “कूलिंग ऑपरेशन” शुरू कर दिया। एंटी स्मॉग गन से सड़कों पर हुई पानी की तेज बौछारों ने कुछ ही देर में माहौल बदल दिया और लोगों को झुलसती गर्मी से राहत महसूस होने लगी।
कस्बे के मुख्य बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रमुख मार्गों पर बड़े पैमाने पर पानी का छिड़काव किया गया। सड़क पर निकलने वाले राहगीर जहां गर्म हवाओं से परेशान नजर आ रहे थे, वहीं अचानक चली ठंडी फुहारों ने उनके चेहरों पर राहत की मुस्कान ला दी। कई लोगों ने कहा कि ऐसा लगा मानो तपते शहर पर अचानक बारिश हो गई हो।
गर्मी का असर इस कदर बढ़ चुका है कि दोपहर होते ही बाजारों में सन्नाटा छाने लगता है। तेज धूप और आग उगलती हवाओं के कारण लोग जरूरी काम से भी बाहर निकलने से बच रहे हैं। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और दिहाड़ी मजदूर सबसे ज्यादा परेशान दिखाई दे रहे हैं। ऐसे समय में नगर पालिका द्वारा चलाया गया यह अभियान लोगों के लिए राहत की बड़ी उम्मीद बनकर सामने आया है।
नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, एंटी स्मॉग गन से किया गया यह छिड़काव सिर्फ गर्मी कम करने के लिए नहीं, बल्कि वातावरण में नमी बढ़ाने, उड़ती धूल को नियंत्रित करने और प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से भी किया जा रहा है। पानी की बौछारों के चलते वातावरण में तुरंत बदलाव महसूस किया गया और लोगों को सांस लेने में भी राहत मिली।
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने नगर पालिका की इस पहल की खुलकर सराहना की। लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह लगातार पानी का छिड़काव होता रहा, तो गर्मी के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। दुकानदारों का कहना है कि ठंडक बढ़ने से बाजारों में लोगों की आवाजाही पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
नगर पालिका प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भीषण गर्मी को देखते हुए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर अलग-अलग वार्डों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर भी एंटी स्मॉग गन और पानी के टैंकरों के जरिए छिड़काव कराया जाएगा, ताकि हर इलाके के लोगों को राहत मिल सके।