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शामली में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने की तैयारियों पर ज़ोर 

आगामी 8 मार्च को आयोजित होगी राष्ट्रिय लोक अदालत 

न्यायिक अधिकारी 8 मार्च को होने वाली लोक अदालत को एक “रिकॉर्ड तोड़ सत्र” बनाने के लिए प्रतिबद्ध।

शामली। कैराना। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में सोमवार को जिला न्यायाधीश के विश्राम कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। दोपहर 1:30 बजे माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री विकास कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रभारी सचिव श्रीमती आंचल कसाना, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री प्रशांत कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और अधिक से अधिक मामलों के निपटारे की रणनीति पर चर्चा की गई।

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुरूप इस बैठक का उद्देश्य लोक अदालत में पंजीकृत मामलों का शीघ्र और सुलहसमझौते के माध्यम से निस्तारण सुनिश्चित करना था। बैठक में जिले के 14 से अधिक विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें अग्रिशमन विभाग, परिवहन विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, प्राविधिक शिक्षा विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, पंचायती राज विभाग, श्रम विभाग, वाणिज्य कर विभाग, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग, खाद्य एवं औषधि विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग जैसे अहम विभाग शामिल थे।

इस बैठक में लोक अदालत के लिए तैयारियों, मामलों की पूर्व सूची तैयार करने और हितधारकों को समझौते के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।

माननीय न्यायाधीश श्री विकास कुमार ने सभी विभागों से अपील की कि वे “सहयोगात्मक दृष्टिकोण” अपनाते हुए ऐसे मामलों की पहचान करें, जिनका निपटारा विचार-विमर्श से किया जा सकता है, उन्होंने कहा “लोक अदालत न्यायालयों के बोझ को कम करने और आमजन को त्वरित न्याय दिलाने का सशक्त माध्यम है, इसे सफल बनाने के लिए हमें समर्पित प्रयास करने होंगे।”

किन मामलों पर होगा फोकस?

बैठक में चर्चा के अनुसार, दीवानी, राजस्व, परिवहन और लोकयाचिका संबंधी मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, विवादास्पद मामलों में पक्षकारों को मध्यस्थता के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।

लोक अदालत की पृष्ठभूमि

लोक अदालतें भारतीय न्याय प्रणाली का एक अनूठा हिस्सा हैं, जहाँ विवादों का निपटारा वकीलों, न्यायाधीशों और पक्षकारों की सहमति से किया जाता है। यह प्रक्रिया न केवल समय और धन बचाती है, बल्कि न्यायालयों के बोझ को भी कम करती है।

इस तैयारी के साथ, शामली जिला प्रशासन और न्यायिक अधिकारी 8 मार्च को होने वाली लोक अदालत को एक “रिकॉर्ड तोड़ सत्र” बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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