
कथित वसूली से मानसिक प्रताड़ना तक के आरोप, कांधला सीएचसी में शिकायत से मचा बवाल
* चिकित्सा अधीक्षक समेत तीन के खिलाफ शिकायत से स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, शराब के नशे में अभद्रता करने का भी आरोप; अधीक्षक ने बताया पूरा मामला निराधार
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों एक शिकायत ने ऐसा बवाल खड़ा कर दिया है कि स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स ने चिकित्सा अधीक्षक समेत तीन लोगों के खिलाफ गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी है। शिकायत में 60 हजार रुपये प्रतिमाह की कथित मांग, रात के समय कमरे में बुलाने का दबाव, मानसिक प्रताड़ना और नौकरी से निकलवाने की धमकी जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामला सामने आने के बाद सीएचसी की कार्यप्रणाली से लेकर अधिकारियों के व्यवहार तक पर सवाल उठने लगे हैं।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात स्टाफ नर्स किरण आर्या ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रजत चैहान और उनके सहयोगी मुकेश व सतसिंह के खिलाफ उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है। स्टाफ नर्स का आरोप है कि उनसे प्रसव सहित अन्य मरीजों के माध्यम से हर महीने रुपये कमाकर देने का दबाव बनाया जाता है। आरोपों के मुताबिक, चिकित्सा अधीक्षक उनसे
प्रतिमाह 60 हजार रुपये की मांग करते हैं। मांग पूरी नहीं होने पर उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जाता है।
*रात के सन्नाटे में फोन, कमरे में आने का दबाव!*
शिकायत में 31 अक्टूबर की रात का घटनाक्रम भी दर्ज कराया गया है। स्टाफ नर्स के अनुसार, रात करीब 12 बजकर 40 मिनट पर चिकित्सा अधीक्षक ने कथित रूप से शराब के नशे में फोन कर उन्हें अपने कमरे में आने के लिए दबाव बनाया। उनके मना करने पर नौकरी से निकलवाने की धमकी दिए जाने का आरोप है। इस घटना को लेकर स्टाफ नर्स ने उच्चाधिकारियों से गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।
*भाई ने जताई नाराजगी तो थाने तक पहुंचा मामला!*
स्टाफ नर्स का आरोप है कि जब उनके भाई ने चिकित्सा अधीक्षक से फोन पर बातचीत कर उनके व्यवहार पर नाराजगी जताई तो चिकित्सा अधीक्षक ने उनके भाई के खिलाफ ही धमकी देने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दे दी। इसके बाद मामला और गर्मा गया। शिकायत में मुकेश और सतसिंह पर भी चिकित्सा अधीक्षक का सहयोग करने का आरोप लगाया गया है।
*नौकरी पर संकट और सर्विस बुक में प्रतिकूल टिप्पणी की धमकी!*
स्टाफ नर्स ने आरोप लगाया कि मांग पूरी नहीं करने पर जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत कर नौकरी से निकलवाने तथा सर्विस बुक में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज कराने की धमकी दी जाती है। उनका कहना है कि लगातार दबाव और कथित प्रताड़ना के चलते उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
*अधीक्षक भी पीछे नहीं, बोले- सख्ती की तो करने लगे अभद्रता!*
दूसरी ओर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रजत चैहान ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि स्टाफ नर्स मनमाने ढंग से काम कर रही थीं। जब उन्होंने कार्यप्रणाली को लेकर सख्ती दिखाई तो उनके साथ अभद्रता की गई। उन्होंने बताया कि रविवार को एक व्यक्ति ने स्टाफ नर्स के पक्ष में फोन कर करीब 11 मिनट तक उनके साथ अभद्रता की और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
*अब स्वास्थ्य विभाग की बारी, जांच में सामने आएगी असली कहानी!*
कांधला सीएचसी में उठे इस विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ स्टाफ नर्स ने 60 हजार रुपये की कथित मांग और आधी रात को फोन कर कमरे में बुलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, तो दूसरी तरफ चिकित्सा अधीक्षक ने इसे कार्यप्रणाली को लेकर हुई खींचतान बताया है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल शिकायत की निष्पक्ष जांच ही पूरे मामले की असल तस्वीर साफ कर सकती है।