
खाते खाली, बिजलीघर ठप! दो माह के वेतन को लेकर कर्मचारियों ने ठप किया काम
* अधिकारियों के आश्वासन भी नहीं आए काम, गुस्साए कर्मचारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल, बोले- खाते में पैसा आने तक नहीं लौटेंगे काम पर
सादिक सिद्दीकी
कांधला दो महीने से वेतन का इंतजार कर रहे बिजली संविदा कर्मचारियों का आखिरकार सब्र जवाब दे गया। बकाया वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने सोमवार को जसाला और खंदरावली बिजलीघरों पर मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों के कामबंद हड़ताल पर जाने से दोनों बिजलीघरों का कामकाज प्रभावित हो गया है। कर्मचारियों ने साफ ऐलान कर दिया है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। जब तक दो महीने का बकाया वेतन उनके बैंक खातों में नहीं पहुंचता, तब तक धरना-प्रदर्शन और हड़ताल जारी रहेगी।जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से अमन लाइनमैन की तैनाती वाली व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारी लगातार अपनी मेहनत का पैसा पाने के लिए अधिकारियों और संबंधित कार्यदायी संस्था के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। आखिरकार कर्मचारियों ने सोमवार से बिजलीघरों पर काम बंद कर धरना शुरू कर दिया।
*अधिकारियों के भरोसे पर भी नहीं मिला वेतन*
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि उपखंड अधिकारी राकेश कुमार आर्य और अवर अभियंता राजीव कुमार ने उन्हें एक तारीख तक पूरा मामला सुलझाने और वेतन जारी कराने का आश्वासन दिया था। कर्मचारियों के मुताबिक, अधिकारियों ने मेहर एंटरप्राइजेज के सुपरवाइजर से बातचीत होने की जानकारी देते हुए भरोसा दिलाया था कि निर्धारित तारीख तक सभी कर्मचारियों का बकाया वेतन खातों में पहुंच जाएगा।लेकिन तारीख गुजर गई और कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन की रकम नहीं आई। बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद जब मेहनत की कमाई नहीं मिली तो कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मजबूर होकर कामकाज बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।
*कंपनी ने अब पांच तारीख तक वेतन देने का दिया नया भरोसा*
मामले में मेहर एंटरप्राइजेज के सुपरवाइजर से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि किसी तकनीकी खराबी के चलते कर्मचारियों का वेतन होल्ड हो गया था। सुपरवाइजर ने दावा किया कि तकनीकी समस्या को जल्द दूर कर लिया जाएगा और चालू माह की पांच तारीख तक दो महीने का पूरा बकाया वेतन कर्मचारियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।हालांकि, कंपनी की ओर से मिले इस नए आश्वासन का कर्मचारियों पर कोई खास असर नहीं पड़ा। कर्मचारियों का कहना है कि वे अब मौखिक वादों के भरोसे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। पहले भी कई बार तारीख देकर वेतन देने की बात कही गई, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। अब जब तक खाते में पैसा नहीं आएगा, तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी।दो बिजलीघरों पर काम ठप, उपभोक्ताओं की बढ़ सकती है परेशानी जसाला और
खंदरावली बिजलीघरों पर कर्मचारियों की हड़ताल से विद्युत व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। बिजलीघरों पर तैनात कर्मचारियों के काम बंद करने से लाइन फॉल्ट ठीक करने, बिजली आपूर्ति सुचारू रखने और अन्य जरूरी कार्यों में परेशानी खड़ी हो सकती है। ऐसे में क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि हड़ताल के चलते क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है या कोई अन्य व्यवस्था बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी की होगी। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाने से पीछे नहीं हटे, लेकिन जब दो महीने तक मेहनत का पैसा ही नहीं मिलेगा तो आखिर परिवार का खर्च कैसे चलेगा?धरने पर बैठे कर्मचारियों ने एक सुर में कहा- अब वेतन चाहिए, सिर्फ आश्वासन नहीं। कर्मचारियों ने विभाग और कार्यदायी संस्था से जल्द से जल्द बकाया भुगतान कराने की मांग की है।इस दौरान अमन, आरिफ, अंकित चौहान, सतेंद्र कुमार, अजय, अमित, विपिन, जसवीर सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।