गांव में आवारा कुत्तों का कहर, दो मासूम बहनों पर हमला, मची चीख-पुकार

 

* मासूमों पर आवारा कुत्तों का खूनी हमला, खेलते-खेलते दो बच्चियों को नोचा, गांव में दहशत

 

सादिक सिद्दीक़ी

 

कांधला। थाना क्षेत्र के गांव मतनावली में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। घर के बाहर खेल रही दो मासूम बच्चियों पर आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। कुत्तों ने दोनों बच्चियों को बुरी तरह काटकर घायल कर दिया, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

जानकारी के अनुसार, गांव मतनावली निवासी अंकुर की दो वर्षीय पुत्री अर्शिका और चार वर्षीय पुत्री हार्दिका घर के बाहर खेल रही थीं। इसी दौरान वहां पहुंचे आवारा कुत्तों ने दोनों मासूमों पर अचानक हमला बोल दिया। जब तक परिजन मौके पर पहुंचते, कुत्ते बच्चियों को कई जगह काटकर घायल कर चुके थे। परिजनों ने शोर मचाकर किसी तरह कुत्तों को भगाया और आनन-फानन में दोनों बच्चियों को अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों बच्चियों का प्राथमिक उपचार कर तुरंत एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए। चिकित्सा प्रभारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि समय पर उपचार मिलने के कारण दोनों बच्चियों की हालत फिलहाल सामान्य है। आवश्यक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

घटना के बाद ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि गांव में आए दिन आवारा कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

चिकित्सा प्रभारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति या बच्चे को कुत्ता या अन्य कोई जानवर काट ले, तो बिना देरी किए तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर उपचार और एंटी-रेबीज टीका अवश्य लगवाएं। इससे रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव संभव है।

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